नूह · 12/28
अनुवाद उच्चारण — नूह
وَيُمْدِدْكُم بِأَمْوَالٍ وَبَنِينَ وَيَجْعَل لَّكُمْ جَنَّاتٍ وَيَجْعَل لَّكُمْ أَنْهَارًا ۝١٢
Wa yumdidkum bi am waalinw wa baneena wa yaj`al lakum Jannaatinw wa yaj`al lakum anhaaraa
📖 हिंदी अर्थ
और माल और औलाद में तरक्क़ी देगा, और तुम्हारे लिए बाग़ बनाएगा, और तुम्हारे लिए नहरें जारी करेगा

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يُمْدِدْكُمْ – वह तुम्हें बढ़ाएगा, अधिक देगा
  • بِأَمْوَالٍ – धन-दौलत से
  • بَنِينَ – बेटों (संतान) से
  • جَنَّاتٍ – बाग़, बगीचे
  • أَنْهَارًا – नहरें, बहती हुई नदियाँ

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला हज़रत नूह अलैहिस्सलाम की ज़बानी अपने बंदों को वह खुशखबरी सुना रहा है जो तौबा और इस्तिग़फ़ार (क्षमा माँगने) से जुड़ी हुई है। यह आयत उसी सिलसिले की कड़ी है जिसमें पहले फ़रमाया गया कि "मैंने अपने रब से कहा: मेरे रब! मेरी क़ौम ने मुझे झुठलाया, तो मेरे और उनके बीच फ़ैसला कर दे और मुझे और मेरे साथ के ईमानवालों को बचा ले।"

इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमा रहा है कि जब तुम तौबा करोगे और अपने गुनाहों की माफ़ी माँगोगे, तो अल्लाह तुम्हें ढेर सारी नेमतें देगा। वह तुम्हारे धन-दौलत में बरकत डालेगा और तुम्हें बेटों की फ़रावानी (बहुतायत) अता करेगा। यह सिर्फ़ माल और औलाद ही नहीं, बल्कि वह तुम्हारे लिए खूबसूरत बाग़ात पैदा करेगा, जिनमें तरह-तरह के फल और सब्ज़ियाँ होंगी, और तुम्हारे लिए बहती हुई नहरें जारी करेगा, जिनसे तुम अपनी ज़मीनों को सींचोगे और अपने जानवरों को पिलाओगे।

यह अल्लाह का वादा है कि तौबा और इस्तिग़फ़ार रिज़्क़ में बरकत, औलाद में अफ़्ज़ाइश, और दुनिया की ख़ूबसूरत नेमतों का ज़रिया बनता है। जब बंदा अपने रब की तरफ़ पलटता है और अपने गुनाहों से माफ़ी माँगता है, तो अल्लाह उसकी दुनिया और आख़िरत दोनों को संवार देता है।

इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि अगर हम चाहते हैं कि हमारी ज़िंदगी में खुशहाली आए, हमारे रिज़्क़ में बरकत हो, हमारी औलाद नेक और सालिह हो, और हमारे आस-पास की चीज़ें हमारे लिए राहत का ज़रिया बनें, तो हमें अल्लाह की तरफ़ रुजू करना चाहिए, उससे माफ़ी माँगनी चाहिए और अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा (प्रसन्नता) के मुताबिक़ ढालना चाहिए। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया की नेमतों के साथ-साथ आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाता है।

अल्लाह तआला अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है, वह चाहता है कि हम उसकी तरफ़ आएँ, तौबा करें, ताकि वह हमें अपनी रहमत से नवाज़े और हमारी ज़िंदगी को खुशहाली से भर दे। यह अल्लाह का वादा है और अल्लाह का वादा कभी झूठा नहीं होता।



📜 आयत 10-14 — नूह

10فَقُلْتُ اسْتَغْفِرُوا رَبَّكُمْ إِنَّهُ كَانَ غَفَّارًا
अपने परवरदिगार से मग़फेरत की दुआ माँगो बेशक वह बड़ा बख्शने वाला है
11يُرْسِلِ السَّمَاءَ عَلَيْكُم مِّدْرَارًا
(और) तुम पर आसमान से मूसलाधार पानी बरसाएगा
12وَيُمْدِدْكُم بِأَمْوَالٍ وَبَنِينَ وَيَجْعَل لَّكُمْ جَنَّاتٍ وَيَجْعَل لَّكُمْ أَنْهَارًا
और माल और औलाद में तरक्क़ी देगा, और तुम्हारे लिए बाग़ बनाएगा, और तुम्हारे लिए नहरें जारी करेगा
13مَّا لَكُمْ لَا تَرْجُونَ لِلَّهِ وَقَارًا
तुम्हें क्या हो गया है कि तुम ख़ुदा की अज़मत का ज़रा भी ख्याल नहीं करते
14وَقَدْ خَلَقَكُمْ أَطْوَارًا
हालॉकि उसी ने तुमको तरह तरह का पैदा किया
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अनुवाद — नूह 12

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सूरा आयत 12/28 — नूह نوح (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: नूह सुनें, नूह अनुवाद, नूह mp3, नूह pdf. आयत 10–14. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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