अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- اسْتَغْفِرُوا – क्षमा माँगो, अपने पापों से तौबा करो।
- غَفَّارًا – अत्यंत क्षमाशील, जो बार-बार क्षमा करने वाला हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम को समझाने के लिए हर संभव तरीक़ा अपनाया—कभी उन्होंने उन्हें आहिस्ता से बुलाया, कभी खुले तौर पर, कभी व्यक्तिगत रूप से और कभी सार्वजनिक रूप से। जब उन्होंने देखा कि उनकी क़ौम का ज़्यादातर हिस्सा अब भी अज्ञानता और ज़िद में डूबा हुआ है, तो उन्होंने उन्हें सबसे बड़ी और सबसे आसान राह दिखाई—वह राह जो अल्लाह के दरवाज़े तक सीधे पहुँचती है।
उन्होंने अपनी क़ौम से कहा: "तुम अपने रब से माफ़ी माँगो, उसकी ओर लौट आओ, अपने कु़फ़्र और गुनाहों से तौबा करो।" यह कोई सिर्फ़ ज़बानी दुआ नहीं थी, बल्कि यह उनके दिलों को पाक करने और उनकी ज़िंदगी बदलने की कुंजी थी। अल्लाह तआला ने फ़रमाया कि वह غَفَّارًا है—यानी वह ऐसा क्षमाशील है जो बार-बार क्षमा करता है, चाहे गुनाह कितने ही बड़े क्यों न हों। जो भी बंदा सच्चे दिल से उसकी ओर लौटता है, अल्लाह उसके सारे पाप धो डालता है और उसे नई ज़िंदगी देता है।
इस आयत में हमारे लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। अल्लाह तआला का दरवाज़ा हमेशा खुला है। चाहे हमसे कितनी भी ग़लतियाँ हुई हों, चाहे हम कितनी भी दूर चले गए हों, बस एक सच्ची तौबा और इस्तिग़फ़ार उसे हमारी तरफ खींच लाता है। वह अपने बंदों से मुहब्बत करता है और चाहता है कि वे उसकी रहमत की तरफ लौट आएँ।
याद रखिए, इस्तिग़फ़ार सिर्फ़ गुनाहों की माफ़ी का ज़रिया नहीं है, बल्कि यह रिज़्क़ में बरकत, बारिश की रहमत, औलाद में इज़ाफ़ा और हर मुसीबत से निजात का ज़रिया भी है। जैसा कि हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) ने आगे की आयात में बताया कि इस्तिग़फ़ार से अल्लाह आसमान से मूसलाधार बारिश भेजता है, माल और औलाद में बढ़ोतरी करता है और बाग़ व नहरें अता करता है।
तो आइए, हम भी अपनी ज़िंदगी में इस अमल को अपनाएँ। हर सुबह-शाम, हर नमाज़ के बाद, हर मुश्किल में और हर आसानी में अल्लाह से माफ़ी माँगते रहें। यह वह दुआ है जो हमारे दिलों को सुकून देती है, हमारे रिज़्क़ में बरकत देती है और हमें अल्लाह का प्यारा बंदा बनाती है। अल्लाह तआला हम सबको सच्ची तौबा और इस्तिग़फ़ार की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 8-12 — नूह
अनुवाद — नूह 10
सूरा नूह आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अपने परवरदिगार से मग़फेरत की दुआ माँगो बेशक वह बड़ा…सूरा आयत 10/28 — नूह نوح (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: नूह सुनें, नूह अनुवाद, नूह mp3, नूह pdf. आयत 8–12. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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