अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- وَاصْبِرْ: धैर्य रखें, सहन करें
- يَقُولُونَ: वे कहते हैं (अर्थात मक्का के मुशरिकीन आपके बारे में जो कुछ कहते हैं)
- وَاهْجُرْهُمْ: और उनसे किनारा कर लें, उनसे अलग हो जाएँ
- هَجْرًا جَمِيلًا: ऐसा किनारा जो सुंदर हो, जिसमें कोई कठोरता, बुराई या अत्याचार न हो
तफ़सीर:
अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को इस आयत में बहुत ही प्यारी और महत्वपूर्ण शिक्षा दे रहे हैं। जब आप ﷺ इस्लाम का संदेश लोगों तक पहुँचा रहे थे, तो मक्का के काफ़िर और मुशरिकीन आपके बारे में तरह-तरह की बातें कहते थे। वे आपको जादूगर, कवि, पागल और झूठा कहते थे। वे आपका मज़ाक उड़ाते थे, आपको सताते थे और आपके दीन का उपहास करते थे।
अल्लाह तआला ने अपने नबी ﷺ को हिदायत दी कि इन सब बातों पर धैर्य रखें और इनके जवाब में ग़ुस्सा न करें, न ही इनसे बदला लेने की कोशिश करें। यह आदेश केवल नबी ﷺ के लिए नहीं था, बल्कि हर उस मुसलमान के लिए है जो अल्लाह के दीन की ख़ातिर सताया जाता है।
फिर अल्लाह तआला ने एक और निर्देश दिया: "और उनसे सुंदर तरीके से किनारा कर लो।" इसका मतलब यह है कि उनसे अलग रहो, उनकी बुरी बातों का जवाब मत दो, उनसे झगड़ा मत करो, और न ही उनके साथ बुरा व्यवहार करो। यह किनारा ऐसा हो जिसमें कोई कठोरता न हो, कोई बुराई न हो, कोई अत्याचार न हो। यानी उन्हें उनके हाल पर छोड़ दो और अपने काम में लगे रहो।
यहाँ "सुंदर किनारा" का मतलब यह भी है कि उनसे इस तरह अलग हो जाओ कि उन्हें कोई तकलीफ़ न पहुँचे, न उन्हें बुरा भला कहो, न उनकी बेइज़्ज़ती करो, बल्कि सिर्फ़ उनकी बातों को अनसुना कर दो और अपने रास्ते पर चलते रहो।
यह शिक्षा आज हम सबके लिए बहुत ज़रूरी है। जब हमें किसी से बुरी बातें सुनने को मिलें, जब कोई हमारे दीन का मज़ाक उड़ाए, जब कोई हमें सताए, तो हमें चाहिए कि हम धैर्य रखें और सुंदर तरीके से उनसे किनारा कर लें। यही अल्लाह को पसंद है और यही नबी ﷺ का तरीका था।
याद रखें, अल्लाह तआला अपने सब्र करने वाले बंदों से बहुत प्यार करता है और उन्हें बेहतरीन बदला देता है। जब आप किसी की बुराई पर सब्र करते हैं और बदला नहीं लेते, तो आप अल्लाह की नज़र में बहुत ऊँचा दर्जा पाते हैं। यही वह रास्ता है जो आपको कामयाबी की तरफ ले जाता है — दुनिया में भी और आख़िरत में भी।
📜 आयत 8-12 — अल-मुज्जम्मिल
अनुवाद — अल-मुज्जम्मिल 10
सूरा अल-मुज्जम्मिल आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो कुछ लोग बका करते हैं उस पर सब्र…सूरा आयत 10/20 — अल-मुज्जम्मिल المزمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुज्जम्मिल सुनें, अल-मुज्जम्मिल अनुवाद, अल-मुज्जम्मिल mp3, अल-मुज्जम्मिल pdf. आयत 8–12. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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