अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَوَّاحَةٌ: अत्यधिक जलाने वाली, त्वचा को झुलसा देने वाली।
- لِلْبَشَرِ: इंसानों की त्वचा के लिए।
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत उस भयानक आग (जहन्नम) का वर्णन कर रही है जो पापियों के लिए तैयार की गई है। यह आग ऐसी है जो इंसान की त्वचा को झुलसा देती है, उसे जला कर काला कर देती है, और न तो कोई गोश्त (मांस) बचाती है और न ही हड्डी को छोड़ती है। यह आग त्वचा को इस कदर बदल देती है कि उसका रंग और रूप ही बिगड़ जाता है। यह वर्णन उस दिन के भय को दिल में बैठाने के लिए है जब हर इंसान अपने कर्मों का हिसाब देगा।
दावत और नसीहत:
अल्लाह तआला ने हमें यह आग दिखाकर डराया है ताकि हम उसके हुक्मों को मानें और उसकी नाफरमानी से बचें। यह डरावना वर्णन हमारे लिए रहमत है, क्योंकि यह हमें सीधे रास्ते पर लाने का ज़रिया है। हमें चाहिए कि हम अपने अमल (कर्म) को सुधारें, नमाज़ की पाबंदी करें, अल्लाह की याद में दिल को जोड़ें, और उसकी रहमत की उम्मीद रखते हुए उसके अज़ाब से पनाह माँगें। याद रखें, जो लोग दुनिया में अल्लाह के आगे झुक जाते हैं, उन्हें क़यामत के दिन उस आग से बचा लिया जाएगा और जन्नत की नेमतें अता की जाएँगी। अल्लाह हम सबको अपनी रहमत से जहन्नम की आग से महफूज़ रखे। आमीन।
📜 आयत 27-31 — अल-मुद्दस्सिर
अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 29
सूरा अल-मुद्दस्सिर आयत 29 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और बदन को जला कर सियाह कर देगीसूरा आयत 29/56 — अल-मुद्दस्सिर المدثر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुद्दस्सिर सुनें, अल-मुद्दस्सिर अनुवाद, अल-मुद्दस्सिर mp3, अल-मुद्दस्सिर pdf. आयत 27–31. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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