अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- عَلَيْهَا: उस (जहन्नम) पर।
- تِسْعَةَ عَشَرَ: उन्नीस (19)।
तफ़सीर:
यह आयत जहन्नम की भयावहता और उसके प्रबंधन की व्यवस्था को बयान करती है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जहन्नम की देखभाल और उसके अज़ाब को नफ़ाज़ में लाने के लिए उन्नीस (19) फ़रिश्ते मुक़र्रर हैं। ये फ़रिश्ते अत्यंत सख़्त, कठोर और निहायत ताक़तवर हैं, जिन्हें "ज़बानिया" कहा जाता है। ये अल्लाह के हुक्म की पूरी तरह पालना करने वाले हैं और इनके सामने कोई भी इंसान या जिन्न अपनी ताक़त नहीं दिखा सकता।
ये उन्नीस फ़रिश्ते जहन्नम के दरोग़ा हैं, जो अल्लाह के आदेश से जहन्नमियों को सज़ा देते हैं। इनकी संख्या का ज़िक्र करके अल्लाह तआला ने यह बताना चाहा कि जहन्नम का अज़ाब इतना सख़्त और भयानक है कि उसके लिए इतने शक्तिशाली फ़रिश्ते मुक़र्रर किए गए हैं। ये फ़रिश्ते न तो किसी रहम को जानते हैं और न ही किसी सिफ़ारिश को क़ुबूल करते हैं, बल्कि वे सिर्फ़ अल्लाह के हुक्म को बजा लाते हैं।
यह आयत हमें जहन्नम के अज़ाब से डराती है और बताती है कि अल्लाह तआला ने अपने बंदों पर कितना बड़ा एहसान किया है कि उन्होंने हमें इस आग से बचने का रास्ता दिखाया — यानी ईमान, नेक अमल और तौबा। हमें चाहिए कि हम इस आयत से सबक़ लें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएं, ताकि हम इन सख़्त फ़रिश्तों और जहन्नम की आग से महफ़ूज़ रहें।
याद रखें, जहन्नम की आग से बचने का सबसे आसान तरीक़ा यह है कि हम नमाज़ क़ायम करें, अल्लाह के हुक्मों की पालना करें और उसके रसूल (ﷺ) की सुन्नत पर चलें। अल्लाह तआला हम सबको जहन्नम की आग से बचाकर जन्नत अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 28-32 — अल-मुद्दस्सिर
अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 30
सूरा अल-मुद्दस्सिर आयत 30 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उस पर उन्नीस (फ़रिश्ते मुअय्यन) हैंसूरा आयत 30/56 — अल-मुद्दस्सिर المدثر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुद्दस्सिर सुनें, अल-मुद्दस्सिर अनुवाद, अल-मुद्दस्सिर mp3, अल-मुद्दस्सिर pdf. आयत 28–32. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








