Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مِسْكِينًا (मिस्कीन) : वह गरीब जिसके पास अपनी ज़रूरतों के लिए भी कुछ न हो।
- يَتِيمًا (यतीम) : वह बच्चा जिसका पिता मर चुका हो और जिसके पास कोई संपत्ति न हो।
- أَسِيرًا (असीर) : क़ैदी, जैसे युद्ध के क़ैदी।
तफ़सीर (व्याख्या):
ये वे नेक लोग हैं जो अल्लाह की राह में अपना धन और साधन खर्च करते हैं। वे भोजन कराते हैं, और यह भोजन कराना उनके लिए बड़ी मुश्किल से होता है, क्योंकि उन्हें खुद उस भोजन की सख्त ज़रूरत होती है और वे उसे चाहते भी हैं। इसके बावजूद वे उसे उन लोगों को देते हैं जो ज़रूरतमंद हैं — चाहे वह कोई गरीब हो जिसके पास कुछ भी नहीं, या कोई अनाथ बच्चा हो जिसने अपने पिता को खो दिया हो, या कोई क़ैदी हो जो अपनी आज़ादी खो चुका हो। यह कार्य वे केवल अल्लाह की खुशी और उसके सवाब (पुण्य) के लिए करते हैं, न कि किसी सांसारिक लाभ या प्रशंसा के लिए। वे अल्लाह के उस दिन से डरते हैं जो बहुत कठिन और भयावह होगा, जिस दिन चेहरे सिकुड़ जाएँगे और माथे पर बल पड़ जाएँगे।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चा ईमान सिर्फ़ ज़ुबान से नहीं, बल्कि अमल से होता है। अल्लाह उन लोगों से बहुत प्यार करता है जो दूसरों की मदद करते हैं, खासकर उन लोगों की जो सबसे ज़्यादा ज़रूरतमंद हैं — गरीब, अनाथ और क़ैदी। यह आयत हमें सिखाती है कि हमें अपनी ज़रूरतों के बावजूद दूसरों के लिए कुर्बानी देनी चाहिए। इस्लाम में दूसरों की मदद करना सबसे बड़ी इबादत है। अगर हम सिर्फ़ अपने लिए नहीं जीते, बल्कि दूसरों के लिए भी जीते हैं, तो अल्लाह हमें उस दिन ज़रूर सवाब देगा जब कोई और मदद नहीं कर सकता। यही वह रास्ता है जो हमें जन्नत तक पहुँचाता है — जहाँ हर तरह की नेमतें और खुशियाँ होंगी।
📜 आयत 6-10 — सूरा अल-इंसान
अनुवाद — अल-इंसान 8
सूरा अल-इंसान आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उसकी मोहब्बत में मोहताज और यतीम और असीर को…सूरा आयत 8/31 — सूरा अल-इंसान الإنسان (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-इंसान सुनें, सूरा अल-इंसान अनुवाद, सूरा अल-इंसान mp3, सूरा अल-इंसान pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-इंसान
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 29, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


