Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُوفُونَ بِالنَّذْرِ: वे अपनी मन्नत (नज़्र) पूरी करते हैं।
- يَخَافُونَ: वे डरते हैं।
- يَوْمًا: उस दिन (क़ियामत के दिन) से।
- كَانَ شَرُّهُ مُسْتَطِيرًا: जिसकी बुराई और विपत्ति हर जगह फैल जाने वाली हो, चारों ओर फैल जाए।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इन आयात में अपने नेक और वफ़ादार बंदों की विशेषताओं का वर्णन कर रहे हैं, जिनके लिए जन्नत में वो दिव्य शराब (शराब-ए-तहूर) तैयार की गई है जो काफ़ूर के स्रोत से मिली होगी। ये वो लोग हैं जो:
पहली विशेषता: वे अपनी मन्नत (नज़्र) पूरी करते हैं। यानी जब वे अल्लाह की इबादत या कोई नेक काम करने का संकल्प (नज़्र) करते हैं, तो उसे पूरा करके दिखाते हैं। वे अल्लाह से किया गया वादा निभाते हैं, चाहे उसमें कितनी ही मुश्किलें क्यों न आएँ। यह उनके सच्चे ईमान और अल्लाह के प्रति उनकी गहरी वफ़ादारी की निशानी है।
दूसरी विशेषता: वे उस दिन से डरते हैं जिसकी बुराई और विपत्ति चारों ओर फैल जाने वाली है। यानी क़ियामत का दिन, जब हर तरफ़ भय और आतंक होगा, लोग अपने किए की सज़ा से काँप रहे होंगे, और यह डर उन्हें गुनाहों से दूर रखता है और नेकियों पर मज़बूती से क़ायम रखता है। यह डर उनके दिलों में अल्लाह की अज़मत और उसके हिसाब की सख़्ती का एहसास पैदा करता है।
ये वो लोग हैं जो अपने जीवन में अल्लाह की रज़ा को सबसे आगे रखते हैं। वे अपनी ज़िम्मेदारियों को समझते हैं और उन्हें पूरा करते हैं। उनका डर उन्हें निराशा में नहीं डालता, बल्कि उन्हें अमल और इबादत की तरफ़ प्रेरित करता है। वे जानते हैं कि अल्लाह की रहमत उन लोगों के लिए है जो उसके आगे सर झुकाते हैं और उसके अज़ाब से डरते हुए नेक काम करते हैं।
यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चा मोमिन वही है जो अल्लाह से किए वादों को निभाए, चाहे वह नज़्र हो या कोई और अहद, और क़ियामत के दिन के भय को अपने दिल में ज़िंदा रखे। यही वो लोग हैं जो अल्लाह की जन्नत और उसकी रज़ा के हक़दार बनते हैं। हमें भी चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में इन्हीं सिफ़ात को अपनाएँ, ताकि हम भी उन नेक बंदों में शामिल हो सकें जिनके लिए अल्लाह ने ऐसी बेहतरीन नेअमतें तैयार की हैं।
📜 आयत 5-9 — सूरा अल-इंसान
अनुवाद — अल-इंसान 7
सूरा अल-इंसान आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये वह लोग हैं जो नज़रें पूरी करते हैं और…सूरा आयत 7/31 — सूरा अल-इंसान الإنسان (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-इंसान सुनें, सूरा अल-इंसान अनुवाद, सूरा अल-इंसान mp3, सूरा अल-इंसान pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-इंसान
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


