अल-मुरसलात · 48/50
अनुवाद उच्चारण — अल-मुरसलात
وَإِذَا قِيلَ لَهُمُ ارْكَعُوا لَا يَرْكَعُونَ ۝٤٨
Wa izaa qeela lahumur ka`oo aa yarka`oon
📖 हिंदी अर्थ
और जब उनसे कहा जाता है कि रूकूउ करों तो रूकूउ नहीं करते
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ارْكَعُوا (रुकू करो): इसका अर्थ है नमाज़ पढ़ो, अल्लाह के आगे झुको और उसकी इबादत करो।
  • لَا يَرْكَعُونَ (वे रुकू नहीं करते): यानी वे नमाज़ नहीं पढ़ते, अल्लाह के आगे सजदा नहीं करते और अपनी ज़िद और घमंड पर अड़े रहते हैं।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब इन झुठलाने वालों से कहा जाता है कि अल्लाह के आगे झुको, उसकी इबादत करो और नमाज़ पढ़ो, तो ये लोग उसे अनसुना कर देते हैं और नमाज़ अदा नहीं करते। ये अपने घमंड और अकड़ में इतने डूबे हुए हैं कि सच्चाई की पुकार को कान लगाकर सुनना भी गवारा नहीं करते। नमाज़ ही वह रस्सी है जो बंदे को उसके रब से जोड़ती है, और ये लोग इसी रिश्ते को तोड़कर अपने लिए अंधकार का रास्ता चुन लेते हैं।

यह आयत हमें सिखाती है कि नमाज़ सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि ईमान की निशानी है। जो दिल अल्लाह की याद से भरा होता है, वही सजदे में झुकता है। ये लोग जब सच्चाई की दावत दी गई तो उससे मुँह मोड़ लिया, और यही उनकी हार का कारण बना।

इस आयत से हमें सबक लेना चाहिए कि हम कभी भी अल्लाह की इबादत से गुरेज़ न करें। नमाज़ हमारी ज़िंदगी की रौशनी है, जो हमें बुराइयों से रोकती है और हमारे दिल को सुकून देती है। जब हमें बुलाया जाए अल्लाह की तरफ, तो हमें फौरन लब्बैक कहना चाहिए, क्योंकि यही हमारी कामयाबी का रास्ता है। अल्लाह तआला हमें उन लोगों में न बनाए जो हक़ सुनकर भी उससे मुँह मोड़ लेते हैं, बल्कि हमें उन बंदों में शामिल करे जो उसके आगे सजदे में झुकते हैं और उसकी रहमत के हक़दार बनते हैं।

🎧 सुनें

📜 आयत 46-50 — अल-मुरसलात

46كُلُوا وَتَمَتَّعُوا قَلِيلًا إِنَّكُم مُّجْرِمُونَ
(झुठलाने वालों) चन्द दिन चैन से खा पी लो तुम बेशक गुनेहगार हो
47وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِّلْمُكَذِّبِينَ
उस दिन झुठलाने वालों की मिट्टी ख़राब है
48وَإِذَا قِيلَ لَهُمُ ارْكَعُوا لَا يَرْكَعُونَ
और जब उनसे कहा जाता है कि रूकूउ करों तो रूकूउ नहीं करते
49وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِّلْمُكَذِّبِينَ
उस दिन झुठलाने वालों की ख़राबी है
50فَبِأَيِّ حَدِيثٍ بَعْدَهُ يُؤْمِنُونَ
अब इसके बाद ये किस बात पर ईमान लाएँगे
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अनुवाद — अल-मुरसलात 48

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Tuesday, August 18, 2026

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