अनुवाद — Tafsir
वेल (विनाश) उस दिन झुठलाने वालों के लिए है।
इस आयत में "वेल" शब्द का अर्थ है विनाश, हलाकत और सख्त अज़ाब। यह शब्द उस व्यक्ति के लिए प्रयोग होता है जो किसी बड़ी मुसीबत में फंस गया हो। "यौमइज़िन" का मतलब है उस दिन, यानी क़ियामत के दिन। "मुकज़्ज़िबीन" उन लोगों को कहा जाता है जो सच्चाई को झुठलाते हैं, यानी जो अल्लाह के दीन, उसके रसूल और आख़िरत के दिन को नहीं मानते।
इस आयत का तात्पर्य यह है कि जिस दिन क़ियामत आएगी और हर इंसान को उसके अमलों का बदला दिया जाएगा, उस दिन उन लोगों के लिए बड़ा विनाश और सख्त अज़ाब होगा जिन्होंने दुनिया में अल्लाह के आदेशों को झुठलाया, उसके रसूलों को नहीं माना और आख़िरत के दिन को नकारा। यह उनके लिए बड़ी हानि और घाटे का दिन होगा, क्योंकि उन्होंने दुनिया की थोड़ी सी खुशियों के बदले आख़िरत की हमेशा की नेमतें खो दीं और अपने आप को हमेशा के अज़ाब में डाल लिया।
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपनी ज़िंदगी में किस रास्ते पर चल रहे हैं। क्या हम उन लोगों में से हैं जो अल्लाह की नेमतों का शुक्र अदा करते हैं और उसकी इबादत करते हैं, या हम उन लोगों में से हैं जो उसकी नेमतों से इनकार करते हैं और उसके दीन से मुंह मोड़ते हैं। यह आयत हमें चेतावनी देती है कि आज की ज़िंदगी में जो थोड़ी सी खुशियाँ और मज़े हैं, वे हमेशा के लिए नहीं हैं। अगर हमने अल्लाह के हुक्मों को नहीं माना तो क़ियामत के दिन हमें बड़ा पछतावा होगा, लेकिन तब पछतावा किसी काम नहीं आएगा।
इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक बनाएं, उसके रसूल की सुन्नत पर चलें और आख़िरत के दिन की तैयारी करें। यही हमारी कामयाबी का रास्ता है। अल्लाह हमें उन लोगों में से न बनाए जो उसके दीन को झुठलाते हैं, बल्कि हमें उन लोगों में से बनाए जो उस पर ईमान लाते हैं और उसकी इबादत करते हैं।
📜 आयत 45-49 — अल-मुरसलात
अनुवाद — अल-मुरसलात 47
सूरा अल-मुरसलात आयत 47 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उस दिन झुठलाने वालों की मिट्टी ख़राब हैसूरा आयत 47/50 — अल-मुरसलात المرسلات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुरसलात सुनें, अल-मुरसलात अनुवाद, अल-मुरसलात mp3, अल-मुरसलात pdf. आयत 45–49. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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