अल-अनफाल · 12/75
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-अनफाल
إِذْ يُوحِي رَبُّكَ إِلَى الْمَلَائِكَةِ أَنِّي مَعَكُمْ فَثَبِّتُوا الَّذِينَ آمَنُوا ۚ سَأُلْقِي فِي قُلُوبِ الَّذِينَ كَفَرُوا الرُّعْبَ فَاضْرِبُوا فَوْقَ الْأَعْنَاقِ وَاضْرِبُوا مِنْهُمْ كُلَّ بَنَانٍ ۝١٢
Iz yoohee Rabbuka ilal malaaa`ikati annee ma`akum fasabbitul lazeena aamanoo; sa ulqee fee quloobil lazeena kafarur ru`ba fadriboo fawqal a`naaqi wadriboo minhum kulla banaan
📖 हिंदी अर्थ
(ऐ रसूल ये वह वक्त था) जब तुम्हारा परवरदिगार फ़रिश्तों से फरमा रहा था कि मै यकीनन तुम्हारे साथ हूँ तुम ईमानदारों को साबित क़दम रखो मै बहुत जल्द काफिरों के दिलों में (तुम्हारा रौब) डाल दूँगा (पस फिर क्या है अब) तो उन कुफ्फार की गर्दनों पर मारो और उनकी पोर पोर को चटिया कर दो

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَوْقَ الْأَعْنَاقِ: गर्दनों के ऊपर, अर्थात सिर।
  • كُلَّ بَنَانٍ: हर उंगली और हाथ-पैर के जोड़, अर्थात सभी अंग।

तफ़सीर (व्याख्या):

हे नबी! उस समय को याद करो जब तुम्हारे रब ने उन फ़रिश्तों की ओर वह्य (प्रकाशना) भेजी थी, जिन्हें उसने बद्र की लड़ाई में मुसलमानों की मदद के लिए भेजा था। अल्लाह ने उन फ़रिश्तों से कहा: "मैं तुम्हारे साथ हूँ, तुम्हें सहायता और विजय प्रदान करूँगा। अतः तुम ईमान लाने वालों को दृढ़ रहने की प्रेरणा दो और उनके हौसले बुलंद करो। मैं काफ़िरों के दिलों में भय और आतंक डाल दूँगा।"

फिर अल्लाह ने मुसलमानों को आदेश दिया कि वे काफ़िरों की गर्दनों के ऊपर (सिर) पर वार करें और उनके हाथ-पैर की सभी उंगलियों और जोड़ों पर प्रहार करें, ताकि वे न तो हथियार उठा सकें और न भाग सकें। यह आदेश उस समय के लिए था जब युद्ध जारी था, और इसका उद्देश्य दुश्मन की युद्ध क्षमता को पूरी तरह नष्ट करना था।

यह घटना बद्र की लड़ाई में घटित हुई, जब अल्लाह ने अपने फ़रिश्तों के माध्यम से मुसलमानों की मदद की और उन्हें विजय प्रदान की। यह अल्लाह की ओर से एक स्पष्ट संकेत था कि वह अपने ईमान वाले बंदों की सहायता करता है और उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता।

लाभ एवं शिक्षाएँ:

  1. अल्लाह अपने ईमान वाले बंदों के साथ होता है और उनकी मदद करता है, चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों।
  2. फ़रिश्तों का अस्तित्व और उनका मुसलमानों की सहायता के लिए उतरना हमारे ईमान का हिस्सा है, और यह हमें सिखाता है कि अल्लाह की मदद के आगे कोई शक्ति टिक नहीं सकती।
  3. युद्ध के दौरान दुश्मन से निपटने का तरीका सिखाया गया है कि उसकी ताकत को पूरी तरह खत्म कर दिया जाए, ताकि वह दोबारा उठ न सके।
  4. काफ़िरों के दिलों में भय डालना अल्लाह की ओर से एक विशेष सहायता है, जो ईमान वालों के लिए बड़ी राहत और विजय का कारण बनती है।
  5. यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चे ईमान और अल्लाह पर भरोसे के साथ जब हम मैदान में उतरते हैं, तो अल्लाह हमें वह ताकत देता है जो दुनिया की कोई ताकत नहीं दे सकती।


📜 आयत 10-14 — सूरा अल-अनफाल

10وَمَا جَعَلَهُ اللَّهُ إِلَّا بُشْرَىٰ وَلِتَطْمَئِنَّ بِهِ قُلُوبُكُمْ ۚ وَمَا النَّصْرُ إِلَّا مِنْ عِندِ اللَّهِ ۚ إِنَّ اللَّهَ عَزِيزٌ حَكِيمٌ
और (ये इमदाद ग़ैबी) ख़ुदा ने सिर्फ तुम्हारी ख़ातिर (खुशी) के लिए की थी और तुम्हारे दिल मुतमइन हो जाएं और (याद रखो) मदद ख़ुदा के सिवा और कहीं से (कभी) नहीं होती बेशक ख़ुदा ग़ालिब हिकमत वाला है
11إِذْ يُغَشِّيكُمُ النُّعَاسَ أَمَنَةً مِّنْهُ وَيُنَزِّلُ عَلَيْكُم مِّنَ السَّمَاءِ مَاءً لِّيُطَهِّرَكُم بِهِ وَيُذْهِبَ عَنكُمْ رِجْزَ الشَّيْطَانِ وَلِيَرْبِطَ عَلَىٰ قُلُوبِكُمْ وَيُثَبِّتَ بِهِ الْأَقْدَامَ
ये वह वक्त था जब अपनी तरफ से इत्मिनान देने के लिए तुम पर नींद को ग़ालिब कर रहा था और तुम पर आसमान से पानी बरस रहा था ताकि उससे तुम्हें पाक (पाकीज़ा कर दे और तुम से शैतान की गन्दगी दूर कर दे और तुम्हारे दिल मज़बूत कर दे और पानी से (बालू जम जाए) और तुम्हारे क़दम ब क़दम (अच्छी तरह) जमाए रहे
12إِذْ يُوحِي رَبُّكَ إِلَى الْمَلَائِكَةِ أَنِّي مَعَكُمْ فَثَبِّتُوا الَّذِينَ آمَنُوا ۚ سَأُلْقِي فِي قُلُوبِ الَّذِينَ كَفَرُوا الرُّعْبَ فَاضْرِبُوا فَوْقَ الْأَعْنَاقِ وَاضْرِبُوا مِنْهُمْ كُلَّ بَنَانٍ
(ऐ रसूल ये वह वक्त था) जब तुम्हारा परवरदिगार फ़रिश्तों से फरमा रहा था कि मै यकीनन तुम्हारे साथ हूँ तुम ईमानदारों को साबित क़दम रखो मै बहुत जल्द काफिरों के दिलों में (तुम्हारा रौब) डाल दूँगा (पस फिर क्या है अब) तो उन कुफ्फार की गर्दनों पर मारो और उनकी पोर पोर को चटिया कर दो
13ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمْ شَاقُّوا اللَّهَ وَرَسُولَهُ ۚ وَمَن يُشَاقِقِ اللَّهَ وَرَسُولَهُ فَإِنَّ اللَّهَ شَدِيدُ الْعِقَابِ
ये (सज़ा) इसलिए है कि उन लोगों ने ख़ुदा और उसके रसूल की मुख़ालिफ की और जो शख़्स (भी) ख़ुदा और उसके रसूल की मुख़ालफ़त करेगा तो (याद रहें कि) ख़ुदा बड़ा सख्त अज़ाब करने वाला है
14ذَٰلِكُمْ فَذُوقُوهُ وَأَنَّ لِلْكَافِرِينَ عَذَابَ النَّارِ
(काफिरों दुनिया में तो) लो फिर उस (सज़ा का चखो और (फिर आख़िर में तो) काफिरों के वास्ते जहन्नुम का अज़ाब ही है
अल-अनफालकुरान सूची
75आयत
मदनीअवतरण स्थान
12आयत

अनुवाद — अल-अनफाल 12

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Monday, September 28, 2026

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