Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يُقِيمُونَ الصَّلَاةَ: नमाज़ को पूर्णता के साथ, उसके नियमों और शर्तों की रक्षा करते हुए, समय पर अदा करना।
- مِمَّا رَزَقْنَاهُمْ: उस (धन-संपत्ति, ज्ञान, शक्ति आदि) में से जो हमने उन्हें प्रदान किया है।
- يُنفِقُونَ: खर्च करते हैं, दान देते हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन ईमानवालों के गुणों का वर्णन कर रही है जिनके दिलों में अल्लाह का डर और उसकी याद का असर होता है। ऐसे लोग नमाज़ को सिर्फ़ अदा ही नहीं करते, बल्कि उसे "क़ायम" करते हैं—यानी उसे पूरी पाबंदी, विनम्रता, रुकू', सजदे और समय की रक्षा के साथ अदा करते हैं। वे नमाज़ को एक औपचारिकता नहीं बनाते, बल्कि उसे अपने जीवन का आधार बनाते हैं, जो उन्हें बुराई और अश्लील कामों से रोकती है।
साथ ही, वे अल्लाह द्वारा दी गई रोज़ी (धन, संपत्ति, ज्ञान, समय, शक्ति) में से दूसरों के हक़ को याद रखते हैं। वे फ़र्ज़ (अनिवार्य) खर्च जैसे ज़कात और रिश्तेदारों, गरीबों, ज़रूरतमंदों के हक़ अदा करते हैं, और साथ ही नफ़्ल (स्वैच्छिक) दान भी करते हैं। यह खर्च केवल धन तक सीमित नहीं, बल्कि अपने ज्ञान, समय और क्षमताओं से भी लोगों की मदद करते हैं। यही उनके ईमान की सच्चाई का प्रमाण है।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- नमाज़ की पाबंदी और उसे पूर्णता के साथ अदा करना ईमान की निशानी है। जो व्यक्ति नमाज़ का पूरा ध्यान रखता है, उसका दिल अल्लाह से जुड़ा रहता है और उसके अंदर अच्छाई पैदा होती है।
- अल्लाह ने जो कुछ दिया है—चाहे वह धन हो, ज्ञान हो या समय—उसमें से दूसरों के लिए खर्च करना सच्चे ईमान की पहचान है। यह हमें स्वार्थ और लालच से बचाता है और समाज में भाईचारा पैदा करता है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह से डरने वाले और उसकी रहमत की उम्मीद रखने वाले लोग नमाज़ और खर्च (दान) को एक साथ जोड़ते हैं। यानी इबादत और सेवा का संगम ही सच्ची सफलता का रास्ता है।
- इससे हमें यह प्रेरणा मिलती है कि हम अपनी रोज़ी में अल्लाह का हक़ याद रखें और ज़रूरतमंदों की मदद करें, क्योंकि यही वह पूँजी है जो हमारे लिए आख़िरत में बचेगी।
📜 आयत 1-5 — सूरा अल-अनफाल
अनुवाद — अल-अनफाल 3
सूरा अल-अनफाल आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : नमाज़ को पाबन्दी से अदा करते हैं और जो हम…सूरा आयत 3/75 — सूरा अल-अनफाल الأنفال (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनफाल सुनें, सूरा अल-अनफाल अनुवाद, सूरा अल-अनफाल mp3, सूरा अल-अनफाल pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अनफाल
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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