Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يَنتَهُوا: रुक जाएँ, बाज़ आ जाएँ (अपने कुफ़्र और शत्रुता से)।
- مَا قَدْ سَلَفَ: जो पहले हो चुका है (पिछले गुनाह)।
- يَعُودُوا: वापस लौटें (कुफ़्र और ज़ुल्म की तरफ़)।
- سُنَّتُ الْأَوَّلِينَ: पहले लोगों के साथ अल्लाह की चली आ रही रीति (यानी अज़ाब का नाज़िल होना)।
तफ़सीर:
ऐ नबी! आप उन लोगों से कह दीजिए जिन्होंने अल्लाह की वहदानियत को झुटलाया और आपकी दुश्मनी पर तुले हुए हैं—अगर ये लोग अपने कुफ़्र, अपनी दुश्मनी और रास्ते से रोकने के काम से बाज़ आ जाएँ और ईमान ले आएँ, तो अल्लाह उनके सारे पिछले गुनाह माफ़ कर देगा, क्योंकि इस्लाम पिछले सारे गुनाहों को मिटा देता है। लेकिन अगर ये लोग अपनी उसी हरकत पर लौट गए—यानी कुफ़्र और जंग की राह दोबारा अपना ली—तो उन्हें याद रखना चाहिए कि अल्लाह की सुन्नत (रीति) पहले के लोगों के साथ यही रही है कि जब वे हद से गुज़र जाते थे और झुटलाने पर अड़े रहते थे, तो अल्लाह उन्हें अज़ाब में पकड़ लेता था। बद्र की जंग में जो कुछ हुआ, वह इसी सुन्नत का एक नमूना है। अब अगर ये फिर वही रास्ता अपनाएँगे, तो अल्लाह का अज़ाब फिर से उनके लिए तैयार है।
फ़ायदे:
- अल्लाह की रहमत बेहद वसी' है—गुनाह चाहे कितने भी बड़े हों, सच्चे दिल से तौबा और इस्लाम लाने पर सब माफ़ कर दिए जाते हैं। यह अल्लाह का बड़ा एहसान है कि उसने बंदों के लिए माफ़ी का दरवाज़ा खुला रखा है।
- इस्लाम की ताक़त यह है कि वह इंसान के अतीत को साफ़ कर देता है—जो भी इस्लाम में दाखिल होता है, वह गुनाहों से उसी तरह पाक हो जाता है जैसे उस दिन अपनी माँ के पेट से पैदा हुआ था।
- अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) कभी नहीं बदलती—जो लोग हक़ के बाद भी ज़िद और सरकशी पर अड़े रहते हैं, उनका अंजाम तबाही ही होता है। यह इतिहास का सबक़ है और आज भी उतना ही सच है।
- यह आयत दुश्मनों के लिए भी रहमत का दरवाज़ा खोलती है—मुसलमानों का तरीक़ा बदला लेना नहीं, बल्कि सुधार और माफ़ी की दावत देना है। यही इस्लाम की खूबसूरती है।
📜 आयत 36-40 — सूरा अल-अनफाल
अनुवाद — अल-अनफाल 38
सूरा अल-अनफाल आयत 38 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम काफिरों से कह दो कि अगर वह…सूरा आयत 38/75 — सूरा अल-अनफाल الأنفال (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनफाल सुनें, सूरा अल-अनफाल अनुवाद, सूरा अल-अनफाल mp3, सूरा अल-अनफाल pdf. आयत 36–40. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अनफाल
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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