Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُرِيكُمُوهُمْ: अल्लाह तआला ने तुम्हें उन्हें (मुशरिकों को) दिखाया।
- إِذِ الْتَقَيْتُمْ: जब तुम आमने-सामने हुए (बद्र के मैदान में)।
- فِي أَعْيُنِكُمْ قَلِيلًا: तुम्हारी आँखों में उन्हें (मुशरिकों को) बहुत कम संख्या में दिखाया।
- وَيُقَلِّلُكُمْ فِي أَعْيُنِهِمْ: और उनकी आँखों में तुम्हें (मुसलमानों को) कम संख्या में दिखाया।
- لِيَقْضِيَ اللَّهُ أَمْرًا كَانَ مَفْعُولًا: ताकि अल्लाह उस काम को पूरा करे जो होकर रहना था (अर्थात मुसलमानों की विजय और मुशरिकों की हार)।
- وَإِلَى اللَّهِ تُرْجَعُ الْأُمُورُ: और सारे मामले अल्लाह ही की ओर लौटाए जाते हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ ईमान वालों! उस समय को याद करो जब तुम बद्र के मैदान में काफ़िरों से भिड़े थे। अल्लाह तआला ने अपनी क़ुदरत से तुम्हारी आँखों में मुशरिकों की संख्या को बहुत कम दिखाया, ताकि तुम्हारे दिलों में उनका खौफ़ न हो और तुम साहस के साथ उनसे लड़ने के लिए आगे बढ़ो। इसी तरह उसने मुशरिकों की आँखों में तुम्हारी संख्या को कम दिखाया, ताकि वे तुम्हें कमज़ोर समझकर युद्ध के लिए आगे बढ़ें और पीछे हटने का ख़याल न करें। यह सब कुछ अल्लाह की योजना के अनुसार था, ताकि वह अपना वह फ़ैसला पूरा करे जो उसने पहले ही लिख दिया था—यानी मुसलमानों को फ़तह (विजय) देना, उन्हें ग़नीमत (युद्ध-धन) अता करना, मुशरिकों को क़त्ल और क़ैद की सज़ा देना, और इस्लाम को सरबुलंद करना। याद रखो कि सारे मामले अल्लाह ही की तरफ़ लौटते हैं, वही हर चीज़ का मालिक है, और वही हर काम को अंजाम तक पहुँचाता है। वह अपने नेक बंदों को उनकी नेकी का बदला देता है और बुरे लोगों को उनकी बुराई की सज़ा देता है।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह तआला अपने बंदों पर कितना कृपालु है कि वह युद्ध के मैदान में भी उनके दिलों को मज़बूत करने के लिए ऐसे उपाय करता है जो उनके हक़ में बेहतर हों। यह दिखाता है कि अल्लाह अपने ईमान वाले बंदों का हमेशा साथ देता है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि फ़तह (विजय) का भरोसा अल्लाह पर रखना चाहिए, न कि अपनी तादाद या तैयारी पर। अल्लाह जब चाहता है, थोड़े से लोगों के ज़रिए बड़ी से बड़ी ताक़त को शिकस्त दे देता है।
- अल्लाह की योजना और उसका फ़ैसला हमेशा बेहतर होता है, चाहे वह हमारी समझ में न आए। जो कुछ बद्र में हुआ, वह अल्लाह की पहले से तय की हुई योजना के मुताबिक़ था, जिसका नतीजा इस्लाम की सरबुलंदी और मुसलमानों की कामयाबी थी।
- हर मामले की आख़िरी मंज़िल अल्लाह ही की तरफ़ है। इसलिए इंसान को चाहिए कि वह हर काम में अल्लाह की रज़ा को सामने रखे और उसी पर भरोसा करे, क्योंकि अच्छे और बुरे दोनों का फ़ैसला उसी के हाथ में है।
📜 आयत 42-46 — सूरा अल-अनफाल
अनुवाद — अल-अनफाल 44
सूरा अल-अनफाल आयत 44 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ये वह वक्त था) जब तुम लोगों ने मुठभेड़ की…सूरा आयत 44/75 — सूरा अल-अनफाल الأنفال (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनफाल सुनें, सूरा अल-अनफाल अनुवाद, सूरा अल-अनफाल mp3, सूरा अल-अनफाल pdf. आयत 42–46. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अनफाल
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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