अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- كَدَأْبِ: उनके तरीके और हालत की तरह, यानी उनके कर्मों के समान।
- آلِ فِرْعَوْنَ: फ़िरऔन की क़ौम, उसके साथी और उसकी सरकार के लोग।
- بِذُنُوبِهِمْ: अपने गुनाहों की वजह से, यानी अपने कुकर्मों के कारण।
- أَغْرَقْنَا: हमने डुबो दिया (पानी में ग़र्क़ कर दिया)।
- ظَالِمِينَ: अत्याचारी, ज़ालिम, यानी जिन्होंने हक़ को छोड़कर बातिल को अपनाया और हद से आगे बढ़ गए।
तफ़सीर (व्याख्या):
इन काफ़िरों का हाल बिल्कुल फ़िरऔन की क़ौम और उनसे पहले की उन उम्मतों जैसा है जिन्होंने अपने रब के भेजे हुए रसूलों को झुठलाया और उनकी आयतों (निशानियों) को नहीं माना। जब उन्होंने यह ज़ुल्म और सरकशी की तो अल्लाह ने उन्हें उन्हीं के गुनाहों की सज़ा में हलाक कर दिया। फ़िरऔन की क़ौम को तो उसने समुद्र में डुबोकर तबाह कर दिया। याद रखो कि ये सब — चाहे पहले के लोग हों या बाद के — ज़ालिम थे, क्योंकि उन्होंने अल्लाह के साथ कुफ़्र किया, उसकी निशानियों को झुठलाया और उसके सिवा दूसरों की इबादत की। उनका अंजाम उनके अपने किए की सज़ा थी, और अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) यही है कि ज़ालिम कभी बच नहीं सकता।
फ़ायदे (सबक़ और नसीहत):
- अल्लाह का क़ानून अटल है — जो उसके रसूलों को झुठलाता है और उसकी आयतों से मुँह मोड़ता है, उसे देर-सबेर अपने किए की सज़ा भुगतनी पड़ती है। यह सिर्फ़ पुरानी उम्मतों के लिए नहीं, बल्कि हर ज़माने के लिए है।
- गुनाहों का अंजाम बहुत भयानक होता है — चाहे इंसान कितना भी ताक़तवर क्यों न हो, अल्लाह की पकड़ से बच नहीं सकता। फ़िरऔन जैसी सल्तनत भी पानी में डूब गई।
- यह आयत हमें डराती है कि कहीं हम भी उन लोगों की तरह न बन जाएँ जो हक़ को जानकर भी उसे नहीं मानते। इसलिए हर मुसलमान को चाहिए कि वह अल्लाह की आयतों पर अमल करे और अपने गुनाहों से तौबा करे।
- अल्लाह की रहमत और अदल दोनों बड़े हैं — वह मोमिनों पर रहम करता है और ज़ालिमों को उनके ज़ुल्म की सज़ा देता है। यही उसकी हिकमत है, और इसी में बंदों की भलाई है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि इतिहास से सबक़ लेना चाहिए — पुरानी उम्मतों के हालात पढ़कर हमें अपने आचरण को सुधारना चाहिए, ताकि हम उनके अंजाम से बच सकें और अल्लाह की रहमत के हक़दार बन सकें।
📜 आयत 52-56 — अल-अनफाल
अनुवाद — अल-अनफाल 54
सूरा अल-अनफाल आयत 54 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (उन लोगों की हालत) क़ौम फिरऔन और उन लोगों की…सूरा आयत 54/75 — अल-अनफाल الأنفال (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनफाल सुनें, अल-अनफाल अनुवाद, अल-अनफाल mp3, अल-अनफाल pdf. आयत 52–56. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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