अत-तकवीर · 28/29
अनुवाद उच्चारण — सूरा अत-तकवीर
لِمَن شَاءَ مِنكُمْ أَن يَسْتَقِيمَ ۝٢٨
Liman shaaa`a minkum ai yastaqeem
📖 हिंदी अर्थ
(मगर) उसी के लिए जो तुममें सीधी राह चले

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لِمَن شَاءَ: उस व्यक्ति के लिए जो चाहे।
  • أَن يَسْتَقِيمَ: सीधे मार्ग पर चले, अर्थात सत्य और ईमान पर स्थिर रहे।

तफसीर (व्याख्या):

यह आयत पिछली आयतों से जुड़ी हुई है, जहाँ अल्लाह तआला ने क़ुरआन को "दुनियावों के लिए एक नसीहत (शिक्षा)" बताया है। फिर फ़रमाया: "उस व्यक्ति के लिए जो तुममें से सीधे मार्ग पर चलना चाहे।" यानी यह क़ुरआन हर उस इंसान के लिए रहनुमाई और नसीहत है जो सच्चाई को अपनाना चाहता है, जो अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के अनुसार ढालना चाहता है, और जो गुमराही और अंधकार से निकलकर हिदायत और रोशनी की ओर आना चाहता है।

अल्लाह तआला ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह क़ुरआन किसी ख़ास जाति या समुदाय के लिए नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए एक आम पैग़ाम है। जो भी इसे पढ़े, समझे और इस पर अमल करे, वह सीधे रास्ते पर चल सकता है। यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह ने हर इंसान को इख़्तियार (स्वतंत्र विकल्प) दिया है—वह चाहे तो सीधा रास्ता चुने और चाहे तो उसे छोड़ दे। लेकिन साथ ही अगली आयत में यह भी बताया गया कि यह इख़्तियार अल्लाह की मर्ज़ी के बिना काम नहीं करता, क्योंकि सच्ची तौफ़ीक़ (सफलता) अल्लाह ही के हाथ में है।

दावती पहलू:

यह आयत हर इंसान के दिल को एक प्यारा सन्देश देती है—अल्लाह का दरवाज़ा हर उस व्यक्ति के लिए खुला है जो सच्चाई की तरफ लौटना चाहता है। चाहे आपकी पिछली ज़िंदगी कैसी भी रही हो, यह क़ुरआन आपके लिए रोशनी है। यह आपको बुलाता है कि उठो, अपने रब की तरफ रुख करो, और सीधे रास्ते पर चलो। अल्लाह ने आपको इरादा करने की ताकत दी है, और जब आप सच्चे दिल से उसकी तरफ बढ़ेंगे, तो वह आपकी मदद ज़रूर करेगा। यही सबसे बड़ी खुशखबरी है—कि हर पल, हर हालत में, अल्लाह की रहमत आपके लिए मौजूद है, बस आपको एक कदम उठाना है।



📜 आयत 26-29 — सूरा अत-तकवीर

26فَأَيْنَ تَذْهَبُونَ
फिर तुम कहाँ जाते हो
27إِنْ هُوَ إِلَّا ذِكْرٌ لِّلْعَالَمِينَ
ये सारे जहॉन के लोगों के लिए बस नसीहत है
28لِمَن شَاءَ مِنكُمْ أَن يَسْتَقِيمَ
(मगर) उसी के लिए जो तुममें सीधी राह चले
29وَمَا تَشَاءُونَ إِلَّا أَن يَشَاءَ اللَّهُ رَبُّ الْعَالَمِينَ
और तुम तो सारे जहॉन के पालने वाले ख़ुदा के चाहे बग़ैर कुछ भी चाह नहीं सकते
अत-तकवीरकुरान सूची
29आयत
मक्कीअवतरण स्थान
28आयत

अनुवाद — अत-तकवीर 28

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Saturday, October 3, 2026

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