अल-मुतफ्फिफीन · 35/36
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुतफ्फिफीन
عَلَى الْأَرَائِكِ يَنظُرُونَ ۝٣٥
Alal araaa`iki yanzuroon
📖 हिंदी अर्थ
(और) तख्तों पर बैठे नज़ारे करेंगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • الأَرَائِكِ: यह 'أريكة' का बहुवचन है, जिसका अर्थ है सजे-सजाए तख्त या शाही पलंग, जिन पर बैठना और लेटना बहुत आरामदायक होता है।
  • يَنظُرُونَ: वे देख रहे होंगे।

तफ़सीर:

यह आयत उस महान सुख और सम्मान का वर्णन कर रही है जो अल्लाह तआला ने अपने नेक बंदों के लिए जन्नत में तैयार किया है। जब काफ़िरों को उनके कुकर्मों की सज़ा दी जा रही होगी और वे जहन्नुम की आग में जल रहे होंगे, उसी समय मोमिनीन सजे-सजाए शाही तख्तों (अराइक) पर विराजमान होंगे और अल्लाह की दी हुई नेमतों को देख रहे होंगे। वे अपनी आँखों से उस इनाम और करामत को देखेंगे जो अल्लाह ने उन्हें अता की है, और सबसे बड़ी नेमत तो यह होगी कि वे अपने रब के दीदार (दर्शन) से भी मुशर्रफ़ होंगे।

यह दृश्य उनके लिए कितना खुशी और संतोष का कारण होगा कि वे दुनिया में जिस राह पर चले थे, उसका फल उन्हें मिल रहा है। वे देखेंगे कि काफ़िरों को उनके उसी कर्मों का पूरा-पूरा बदला मिल रहा है जो वे दुनिया में करते थे — अल्लाह की आयतों को झुठलाना, मोमिनीन का मज़ाक उड़ाना और उन्हें तकलीफ़ देना।

दावती पहलू:

यह आयत हर मोमिन के दिल में उम्मीद और खुशी की किरण जगाती है कि दुनिया की मुश्किलें और परीक्षाएँ चाहे कितनी भी लंबी क्यों न हों, अल्लाह का इनाम उससे कहीं बड़ा और हमेशा रहने वाला है। जो लोग आज सब्र करते हैं और अल्लाह की राह पर चलते हैं, उनके लिए कल ऐसा दिन आएगा जब वे सुख-चैन की ज़िंदगी जिएँगे, जहाँ कोई ग़म नहीं, कोई डर नहीं, सिर्फ़ खुशियाँ और अल्लाह की रहमत होगी। यही वह कामयाबी है जिसके लिए हमें दुनिया में अच्छे कर्म करने चाहिए और अल्लाह की इबादत में अपनी ज़िंदगी बितानी चाहिए।



📜 आयत 33-36 — सूरा अल-मुतफ्फिफीन

33وَمَا أُرْسِلُوا عَلَيْهِمْ حَافِظِينَ
हालॉकि ये लोग उन पर कुछ निगराँ बना के तो भेजे नहीं गए थे
34فَالْيَوْمَ الَّذِينَ آمَنُوا مِنَ الْكُفَّارِ يَضْحَكُونَ
तो आज (क़यामत में) ईमानदार लोग काफ़िरों से हँसी करेंगे
35عَلَى الْأَرَائِكِ يَنظُرُونَ
(और) तख्तों पर बैठे नज़ारे करेंगे
36هَلْ ثُوِّبَ الْكُفَّارُ مَا كَانُوا يَفْعَلُونَ
कि अब तो काफ़िरों को उनके किए का पूरा पूरा बदला मिल गया
अल-मुतफ्फिफीनकुरान सूची
36आयत
मक्कीअवतरण स्थान
35आयत

अनुवाद — अल-मुतफ्फिफीन 35

सूरा अल-मुतफ्फिफीन आयत 35 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (और) तख्तों पर बैठे नज़ारे करेंगे

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Wednesday, September 30, 2026

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