अल-मुतफ्फिफीन · 34/36
अनुवाद उच्चारण — अल-मुतफ्फिफीन
فَالْيَوْمَ الَّذِينَ آمَنُوا مِنَ الْكُفَّارِ يَضْحَكُونَ ۝٣٤
Fal yawmal lazeena aamanoo minal kuffaari yadhakoon
📖 हिंदी अर्थ
तो आज (क़यामत में) ईमानदार लोग काफ़िरों से हँसी करेंगे

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَالْيَوْمَ: इससे अर्थ है आख़िरत का दिन, यानी क़ियामत का दिन।
  • الَّذِينَ آمَنُوا: जो लोग अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान लाए और उसके आदेशों पर चले।
  • مِنَ الْكُفَّارِ: काफ़िरों की ओर देखकर।
  • يَضْحَكُونَ: हँसेंगे और उनका मज़ाक उड़ाएँगे।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उस न्यायपूर्ण दिन का दृश्य प्रस्तुत करती है जब अल्लाह तआला अपने ईमानवाले बंदों को वह मुक़ाम अता करेगा जहाँ वे काफ़िरों पर हँसेंगे। दुनिया में हालात उलटे थे — काफ़िर और मुजरिम लोग मोमिनों का मज़ाक उड़ाते थे, उन पर तंज़ करते थे, और जब वे उनके पास से गुज़रते थे तो आँखों से इशारे करके उन्हें बेचारा और गुमराह समझते थे। वे कहते थे कि ये लोग मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की पैरवी करके रास्ते से भटक गए हैं। लेकिन अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ये मुजरिम लोग मोमिनों के निगरान बनकर नहीं आए थे, न उन्हें यह अधिकार दिया गया था कि वे उन पर नज़र रखें और उनका मज़ाक उड़ाएँ।

आज का दिन वह दिन है जब इन्साफ़ का पलड़ा बराबर होगा। जो लोग दुनिया में ईमान लाए, अल्लाह की इबादत की, और उसके रसूल की सुन्नत पर चले — वे आज उन्हीं काफ़िरों को देखकर हँसेंगे, जैसे काफ़िर दुनिया में उन पर हँसते थे। यह अल्लाह की ओर से एक न्यायपूर्ण बदला है, जो उसके वादे की सच्चाई को साबित करता है।

दावत और नसीहत:

यह आयत हर मोमिन के लिए एक बड़ी ख़ुशख़बरी है! जब आपको दुनिया में किसी की तरफ़ से तंज़ या मज़ाक का सामना करना पड़े, तो याद रखें कि यह दुनिया फ़ानी है और आख़िरत का दिन सच्चा है। उस दिन अल्लाह तआला आपको वह इज़्ज़त देगा जो दुनिया के तमाम मज़ाक उड़ाने वालों को रुसवा कर देगी। ईमान पर साबित रहें, क्योंकि आख़िरी हँसी उसी की होती है जो अल्लाह के साथ होता है। काफ़िरों की हँसी दुनिया में है, लेकिन मोमिनों की हँसी उस दिन होगी जब वे जन्नत की ऊँचाइयों से जहन्नम में जलते काफ़िरों को देखेंगे। यही सच्ची कामयाबी है!



📜 आयत 32-36 — अल-मुतफ्फिफीन

32وَإِذَا رَأَوْهُمْ قَالُوا إِنَّ هَٰؤُلَاءِ لَضَالُّونَ
और जब उन मोमिनीन को देखते तो कह बैठते थे कि ये तो यक़ीनी गुमराह हैं
33وَمَا أُرْسِلُوا عَلَيْهِمْ حَافِظِينَ
हालॉकि ये लोग उन पर कुछ निगराँ बना के तो भेजे नहीं गए थे
34فَالْيَوْمَ الَّذِينَ آمَنُوا مِنَ الْكُفَّارِ يَضْحَكُونَ
तो आज (क़यामत में) ईमानदार लोग काफ़िरों से हँसी करेंगे
35عَلَى الْأَرَائِكِ يَنظُرُونَ
(और) तख्तों पर बैठे नज़ारे करेंगे
36هَلْ ثُوِّبَ الْكُفَّارُ مَا كَانُوا يَفْعَلُونَ
कि अब तो काफ़िरों को उनके किए का पूरा पूरा बदला मिल गया
अल-मुतफ्फिफीनकुरान सूची
36आयत
मक्कीRevelation
34आयत

अनुवाद — अल-मुतफ्फिफीन 34

सूरा अल-मुतफ्फिफीन आयत 34 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो आज (क़यामत में) ईमानदार लोग काफ़िरों से हँसी करेंगे

सूरा आयत 34/36 — अल-मुतफ्फिफीन المطففين (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुतफ्फिफीन सुनें, अल-मुतफ्फिफीन अनुवाद, अल-मुतफ्फिफीन mp3, अल-मुतफ्फिफीन pdf. आयत 32–36. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए