अत-तारिक़ · 1/17
अनुवाद उच्चारण — सूरा अत-तारिक़
وَالسَّمَاءِ وَالطَّارِقِ ۝١
Wassamaaa`i wattaariq
📖 हिंदी अर्थ
आसमान और रात को आने वाले की क़सम

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • अस-समा: आकाश, जो हमारे ऊपर फैला हुआ है।
  • अत-तारिक़: वह तारा जो रात में प्रकट होता है। "तारिक़" उस चीज़ को कहते हैं जो रात में आए या दिखाई दे।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने इस आयत में आकाश की क़सम खाई है और उस तारे की क़सम खाई है जो रात के अंधेरे में चमकता है। यह तारा रात को प्रकट होता है, इसलिए इसे "तारिक़" कहा गया है। यह वह चमकीला और रोशन तारा है जो अंधेरी रात में लोगों को रास्ता दिखाता है। अल्लाह का क़सम खाना इस बात की दलील है कि वह जिस चीज़ की क़सम खाता है, वह बहुत अहमियत रखती है। आकाश और तारे अल्लाह की कुदरत की निशानियाँ हैं, जो उसकी अज़मत और ताक़त को ज़ाहिर करते हैं।

इस क़सम के बाद अगली आयतों में अल्लाह फ़रमाता है कि हर इंसान पर एक निगरान रखने वाला फ़रिश्ता मुक़र्रर है, जो उसके अच्छे और बुरे सारे आमाल को लिखता है। यह बात हमें यक़ीन दिलाती है कि हमारी हर हरकत अल्लाह के इल्म में है और क़यामत के दिन हमें अपने आमाल का हिसाब देना होगा।

दावती पहलू:

यह आयत हमें ग़ौर और फ़िक्र की दावत देती है। जिस तरह रात का तारा अंधेरे में चमकता है और रास्ता दिखाता है, उसी तरह क़ुरआन और ईमान हमारी ज़िंदगी के अंधेरों में रोशनी का ज़रिया हैं। अल्लाह ने हमें अकेला नहीं छोड़ा, बल्कि हर इंसान के साथ फ़रिश्ते मुक़र्रर किए हैं जो उसके आमाल दर्ज करते हैं। यह सोचने की बात है कि हमारी ज़िंदगी का हर लम्हा रिकॉर्ड हो रहा है। अगर हम इस हक़ीक़त को समझ लें तो हम गुनाहों से बचेंगे और नेक कामों में जुट जाएँगे। अल्लाह की यह निगरानी हमारे लिए डर और उम्मीद दोनों का ज़रिया है — डर इसलिए कि हम बुराई से बचें, और उम्मीद इसलिए कि हमारे नेक आमाल ज़ाए नहीं होंगे। यही ईमान की मिठास है कि इंसान जानता है कि वह कभी अकेला नहीं है, अल्लाह हमेशा उसके साथ है और उसकी हर कोशिश का अज्र उसे ज़रूर मिलेगा।



📜 आयत 1-3 — सूरा अत-तारिक़

1وَالسَّمَاءِ وَالطَّارِقِ
आसमान और रात को आने वाले की क़सम
2وَمَا أَدْرَاكَ مَا الطَّارِقُ
और तुमको क्या मालूम रात को आने वाला क्या है
3النَّجْمُ الثَّاقِبُ
(वह) चमकता हुआ तारा है
अत-तारिक़कुरान सूची
17आयत
मक्कीअवतरण स्थान
1आयत

अनुवाद — अत-तारिक़ 1

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सूरा आयत 1/17 — सूरा अत-तारिक़ الطارق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अत-तारिक़ सुनें, सूरा अत-तारिक़ अनुवाद, सूरा अत-तारिक़ mp3, सूरा अत-तारिक़ pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.





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Thursday, October 1, 2026

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