अत-तारिक़ · 12/17
अनुवाद उच्चारण — अत-तारिक़
وَالْأَرْضِ ذَاتِ الصَّدْعِ ۝١٢
Wal ardi zaatis sad
📖 हिंदी अर्थ
और फटने वाली (ज़मीन की क़सम)

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ذَاتِ: वाली, रखने वाली
  • الصَّدْعِ: फटना, दरार, टूटकर अलग होना (यहाँ अर्थ है: पृथ्वी का फटकर उसमें से पौधों, वनस्पतियों और फलों का निकलना)

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने इस आयत में पृथ्वी की उस विशेषता की क़सम खाई है जो उसके जीवंत और जीवन देने वाले होने की निशानी है। पृथ्वी जब सूखी और बंजर पड़ी होती है, तो अल्लाह का हुक्म होते ही वह फट जाती है और उसमें से हरी-भरी वनस्पतियाँ, पेड़-पौधे, फल और अनाज निकल आते हैं। यह फटना (शिगाफ़) पृथ्वी के लिए नई ज़िंदगी का आगाज़ होता है।

यह क़सम उस महान शक्ति की ओर इशारा करती है जो मुर्दा ज़मीन को ज़िंदा करके उससे तरह-तरह की नेमतें पैदा करती है। जिस तरह पृथ्वी बारिश के बाद फटकर अपने अंदर से अनगिनत चीज़ें निकालती है, उसी तरह अल्लाह क़ियामत के दिन मुर्दों को क़ब्रों से ज़िंदा करके निकालेगा। यही वह चीज़ है जिसे क़ुरआन में साफ़ तौर पर बयान किया गया है।

इस आयत में अल्लाह ने पृथ्वी के इस गुण की क़सम खाकर हमें यह यक़ीन दिलाया है कि जिस रब ने यह काम किया है, उसके लिए मुर्दों को दोबारा ज़िंदा करना बिल्कुल आसान है। जो ज़मीन हर साल हज़ारों बार यह मंज़र दिखाती है कि वह सूखने के बाद फिर से हरी हो जाती है, वह उस ताक़त की जीती-जागती गवाही है जो हर चीज़ पर क़ादिर है।

प्यारे भाइयों और बहनों! जब हम अपने सामने यह नज़ारा देखते हैं कि एक बंजर और सूखी ज़मीन अल्लाह के हुक्म से फटती है और उसमें से तरह-तरह की चीज़ें निकलती हैं, तो हमें अपने रब की क़ुदरत पर ईमान और भी मज़बूत हो जाता है। यही अल्लाह हमें रिज़्क़ देता है, यही हमें ज़िंदगी देता है, और यही हमें मौत के बाद दोबारा ज़िंदा करेगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने रब के साथ अपने रिश्ते को मज़बूत करें, उसके दिए हुए रिज़्क़ का शुक्र अदा करें, और उसके हुक्मों पर अमल करें। जिस रब की क़ुदरत का यह नमूना हम हर मौसम में देखते हैं, उस पर भरोसा रखना और उसकी इबादत करना ही हमारी कामयाबी है।



📜 आयत 10-14 — अत-तारिक़

10فَمَا لَهُ مِن قُوَّةٍ وَلَا نَاصِرٍ
तो (उस दिन) उसका न कुछ ज़ोर चलेगा और न कोई मददगार होगा
11وَالسَّمَاءِ ذَاتِ الرَّجْعِ
चक्कर (खाने) वाले आसमान की क़सम
12وَالْأَرْضِ ذَاتِ الصَّدْعِ
और फटने वाली (ज़मीन की क़सम)
13إِنَّهُ لَقَوْلٌ فَصْلٌ
बेशक ये क़ुरान क़ौले फ़ैसल है
14وَمَا هُوَ بِالْهَزْلِ
और लग़ो नहीं है
अत-तारिक़कुरान सूची
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12आयत

अनुवाद — अत-तारिक़ 12

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Tuesday, August 18, 2026

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