अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- जन्नत – बाग़, जन्नत
- आलिया – ऊँची, बुलंद, उच्च स्थान वाली
तफ़सीर:
यह आयत उन मोमिनों के चेहरों की ख़ुशी और ताज़गी का ज़िक्र करती है जिन्होंने दुनिया में अल्लाह की इबादत की और उसकी राह में नेक अमल किए। जब वे क़यामत के दिन उठेंगे, तो उनके चेहरे पर इत्मीनान, ख़ुशी और नेमत के आसार साफ़ दिखाई देंगे। वे उस जन्नत में दाख़िल होंगे जो बहुत ऊँची है — न केवल अपनी जगह के लिहाज़ से, बल्कि अपने दर्जे, शान और बुलंदी के लिहाज़ से भी। वह जन्नत ऐसी है जिसकी ऊँचाई, ख़ूबसूरती और आरामगाहें किसी आँख ने नहीं देखीं, किसी कान ने नहीं सुनीं और किसी दिल ने नहीं सोची।
यह वही जन्नत है जिसमें न कोई बेकार बात होती है, न कोई गुनाह का ज़िक्र, न थकान और न बोझ। वहाँ हर तरफ़ सुकून है, हर तरफ़ राहत है। उसमें बहने वाले चश्मे हैं, ऊँचे तख़्त हैं, सजे हुए बिस्तर हैं, और एक के बाद एक लगे हुए गद्दे और बिछी हुई नर्म-ओ-नाज़ुक फ़र्श हैं। हर चीज़ वहाँ मेहमानों के लिए तैयार रखी गई है।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि दुनिया की मेहनत और मशक़्कत, अगर अल्लाह की राह में हो, तो वह कभी ज़ाया नहीं होती। अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए ऐसा इनाम तैयार किया है जो हमारी समझ से बाहर है। यह हमारे लिए सबसे बड़ी ख़ुशख़बरी है कि हमारा रब अपने बंदों से मुहब्बत करता है और उनकी छोटी-छोटी नेकियों को भी बड़ा इनाम देता है। आओ, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की राह में लगाएँ, ताकि उस दिन हम भी उन ख़ुशनसीबों में शामिल हों जिनके चेहरे पर नेमत की चमक होगी और जो उस बुलंद जन्नत में दाख़िल होंगे।
📜 आयत 8-12 — अल-ग़ाशिया
अनुवाद — अल-ग़ाशिया 10
सूरा अल-ग़ाशिया आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : एक आलीशान बाग़ मेंसूरा आयत 10/26 — अल-ग़ाशिया الغاشية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-ग़ाशिया सुनें, अल-ग़ाशिया अनुवाद, अल-ग़ाशिया mp3, अल-ग़ाशिया pdf. आयत 8–12. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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