अल-ग़ाशिया · 9/26
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-ग़ाशिया
لِّسَعْيِهَا رَاضِيَةٌ ۝٩
Lisa`yihaa raadiyah
📖 हिंदी अर्थ
अपनी कोशिश (के नतीजे) पर शादमान

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لِسَعْيِهَا (लिसअ'यिहा): अपने कर्मों और प्रयासों के लिए, जो उसने दुनिया में किए।
  • رَاضِيَةٌ (रादियाह): संतुष्ट और प्रसन्न।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उन मोमिनों के चेहरों की खुशी और ताज़गी का वर्णन कर रही है जो क़ियामत के दिन अपने रब की रहमत से निहाल होंगे। उनके चेहरों पर नेमत और आनंद की चमक होगी, और वे अपने उस सै' (प्रयास) पर पूरी तरह संतुष्ट होंगे जो उन्होंने दुनिया में अल्लाह की इबादत, नेक कामों और तक़्वा में किया था।

जब वे अपने अच्छे कर्मों का बदला आख़िरत में देखेंगे—हर नेकी का अज्र कई गुना बढ़ाकर, अपने लिए महफ़ूज़ पाएँगे—तो उनका दिल खुशी से भर जाएगा। उन्हें अपने किए पर कोई अफ़सोस नहीं होगा, बल्कि वे अल्लाह के इस फज़ल और करम पर रज़ामंद होंगे। उनकी यह रज़ा और खुशी इसलिए है क्योंकि उन्होंने दुनिया में जो बोया था, वह आख़िरत में उसकी फ़सल सबसे अच्छे रूप में पा रहे हैं।

यह आयत हमें सिखाती है कि दुनिया की मेहनत और मशक्कत अगर अल्लाह की रज़ा के लिए हो, तो उसका फल आख़िरत में ज़रूर मिलेगा। जो लोग आज नेकी के रास्ते पर चलते हैं, वे क़ियामत के दिन उसी राह पर चलने की खुशी और संतुष्टि के साथ जन्नत में दाख़िल होंगे। यही सच्ची कामयाबी है—जब इंसान अपने अमल पर शर्मिंदा न हो, बल्कि उस पर फ़ख़्र महसूस करे और अल्लाह की रहमत उसे घेर ले।

तो आइए, हम अपने जीवन को इस तरह बनाएँ कि जिस दिन हम अपने रब के सामने खड़े हों, उस दिन हमारे चेहरे खुश और हमारे दिल अपने कर्मों पर राज़ी हों। यही वह दिन है जब हर इंसान को उसकी मेहनत का पूरा-पूरा बदला मिलेगा, और अल्लाह की रहमत उन्हें उस जन्नत में दाख़िल करेगी जहाँ कोई बेकार की बात नहीं होगी, जहाँ बहती हुई नदियाँ, ऊँचे तख़्त, सजे हुए बिस्तर और हर तरफ़ सुकून होगा। यही सच्ची कामयाबी है, और यही हमारा असली लक्ष्य होना चाहिए।



📜 आयत 7-11 — सूरा अल-ग़ाशिया

7لَّا يُسْمِنُ وَلَا يُغْنِي مِن جُوعٍ
जो मोटाई पैदा करे न भूख में कुछ काम आएगा
8وُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ نَّاعِمَةٌ
(और) बहुत से चेहरे उस दिन तरो ताज़ा होंगे
9لِّسَعْيِهَا رَاضِيَةٌ
अपनी कोशिश (के नतीजे) पर शादमान
10فِي جَنَّةٍ عَالِيَةٍ
एक आलीशान बाग़ में
11لَّا تَسْمَعُ فِيهَا لَاغِيَةً
वहाँ कोई लग़ो बात सुनेंगे ही नहीं
अल-ग़ाशियाकुरान सूची
26आयत
मक्कीअवतरण स्थान
9आयत

अनुवाद — अल-ग़ाशिया 9

सूरा अल-ग़ाशिया आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अपनी कोशिश (के नतीजे) पर शादमान

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Wednesday, September 30, 2026

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