अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَصْلَىٰ: वह प्रवेश करेगी / वह झुलसाई जाएगी
- نَارًا حَامِيَةً: अत्यंत गर्म और भड़कती हुई आग
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत क़ियामत के दिन काफ़िरों के उस भयानक अंजाम का वर्णन कर रही है, जब उनके चेहरे अपमान और ज़िल्लत से झुके हुए होंगे। वे चेहरे जो दुनिया में अल्लाह की आयतों को झुठलाते थे और उसके रसूलों का मज़ाक उड़ाते थे, उस दिन वे अत्यंत थके-हारे और बेबस होंगे। उन्हीं चेहरों को उस दिन ऐसी आग में झोंका जाएगा जो न केवल अत्यंत गर्म होगी, बल्कि अपनी भड़कती लपटों से उन्हें हर तरफ से घेर लेगी।
यह वही आग है जिसकी गर्मी का अंदाज़ा हम दुनिया की किसी भी आग से नहीं लगा सकते। यह आग उनके चेहरों को झुलसा देगी, उनकी खाल को जला देगी, और उन्हें ऐसी पीड़ा में डाल देगी जिसका कोई अंत नहीं। उनके लिए उस दिन न तो कोई आराम होगा, न कोई सहारा, और न ही कोई मददगार।
इस आग में उन्हें ऐसा खाना दिया जाएगा जो कांटों वाला, ज़हरीला और अत्यंत घिनौना होगा — यह खाना न उनके पेट भरेगा, न उनकी भूख मिटाएगा, और न ही उनके शरीर को कोई ताकत देगा। यह सिर्फ उनकी पीड़ा को और बढ़ाएगा।
दावती पहलू:
यह आयत हमारे लिए एक सख्त चेतावनी है कि अल्लाह की नाफ़रमानी का अंजाम कितना भयानक है। लेकिन साथ ही यह अल्लाह की रहमत की ओर इशारा भी करती है — कि उसने हमें दुनिया में भेजकर, कुरआन और रसूल ﷺ के ज़रिए यह रास्ता पहले ही दिखा दिया है कि हम इस आग से कैसे बचें। अल्लाह ने हमें तौबा का दरवाज़ा खुला रखा है, और अपनी रहमत से हमें जन्नत की ओर बुलाया है। जो व्यक्ति इस चेतावनी को सुनकर अपनी ज़िंदगी सुधार ले, वह सबसे बड़ा भाग्यशाली है। आइए, हम उस दिन के खौफ़ को याद रखें और आज ही अपने अमल को सही कर लें, ताकि हम उन चेहरों में से न हों जो उस आग में झोंके जाएंगे।
📜 आयत 2-6 — सूरा अल-ग़ाशिया
अनुवाद — अल-ग़ाशिया 4
सूरा अल-ग़ाशिया आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : थके माँदे दहकती हुई आग में दाखिल होंगेसूरा आयत 4/26 — सूरा अल-ग़ाशिया الغاشية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-ग़ाशिया सुनें, सूरा अल-ग़ाशिया अनुवाद, सूरा अल-ग़ाशिया mp3, सूरा अल-ग़ाशिया pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








