अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَأَعْقَبَهُمْ: उन्हें इसका बदला दिया, या उनके कर्मों का परिणाम उन्हें मिला।
- نِفَاقًا: मुनाफ़िक़ी, दिल में ईमान न होना और ज़ुबान से ईमान का दावा करना।
- إِلَىٰ يَوْمِ يَلْقَوْنَهُ: उस दिन तक जब वे अल्लाह से मिलेंगे, अर्थात् क़ियामत के दिन तक।
- بِمَا أَخْلَفُوا: उस कारण से जो उन्होंने वादा ख़िलाफ़ किया।
- مَا وَعَدُوهُ: जो वादा उन्होंने किया था (अल्लाह से)।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला उन मुनाफ़िक़ों का हाल बयान कर रहा है जिन्होंने अल्लाह से वादा किया था कि अगर अल्लाह उन्हें अपने फज़ल से माल देगा तो वे ज़रूर सदक़ा देंगे और नेक लोगों में शामिल होंगे। लेकिन जब अल्लाह ने उन्हें अपने फज़ल से माल दिया, तो उन्होंने अपने वादे से मुकर गए और कंजूसी की। इसलिए अल्लाह ने उनके इस बुरे कर्म की सज़ा में उनके दिलों में निफ़ाक़ (मुनाफ़िक़ी) डाल दिया, जो उनके दिलों में उस दिन तक बना रहेगा जब तक वे क़ियामत के दिन अल्लाह से नहीं मिलेंगे। यह निफ़ाक़ उनके लिए ऐसा स्थायी हाल बन गया कि वे कभी ईमान की हक़ीक़त तक नहीं पहुँच सकते। यह सब कुछ उनके उस वादे को तोड़ने और उनके झूठ बोलने की सज़ा थी, क्योंकि उन्होंने अल्लाह से जो वादा किया था, उसे पूरा नहीं किया और अपनी क़समों में भी झूठ बोला।
फ़ायदे (सबक़):
- अल्लाह से किया गया वादा एक गंभीर समझौता है; उसे तोड़ना बड़ा गुनाह है और अल्लाह की नाराज़गी का कारण बनता है।
- निफ़ाक़ (मुनाफ़िक़ी) दिल की बीमारी है, जो इंसान को ईमान की हक़ीक़त से महरूम कर देती है और उसे अल्लाह की रहमत से दूर कर देती है।
- अल्लाह की दी हुई नेअमतों पर शुक्र अदा करना और उसके रास्ते में ख़र्च करना ईमान की निशानी है, जबकि कंजूसी और वादा ख़िलाफ़ी इंसान को अल्लाह के क़हर (प्रकोप) का पात्र बना देती है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह से सच्चा रिश्ता बनाए रखें, अपने वादों को पूरा करें और झूठ से बचें, ताकि हमारे दिल साफ़ और ईमान से भरे रहें।
📜 आयत 75-79 — अत-तौबा
अनुवाद — अत-तौबा 77
सूरा अत-तौबा आयत 77 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर उनसे उनके ख़ामयाजे (बदले) में अपनी मुलाक़ात के दिन…सूरा आयत 77/129 — अत-तौबा التوبة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तौबा सुनें, अत-तौबा अनुवाद, अत-तौबा mp3, अत-तौबा pdf. आयत 75–79. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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