Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اشْتَرَوْا: उन्होंने बदला, खरीदा या अदला-बदली की।
- ثَمَنًا قَلِيلًا: बहुत थोड़ा मूल्य, यानी दुनिया का बेहद कम और बेकार सामान।
- فَصَدُّوا: उन्होंने रोका (खुद को भी और दूसरों को भी)।
- سَبِيلِهِ: अल्लाह का रास्ता, यानी इस्लाम और सच्चाई का मार्ग।
- سَاءَ مَا كَانُوا يَعْمَلُونَ: बहुत बुरा था वह काम जो वे कर रहे थे।
तफसीर (व्याख्या):
इन लोगों ने अल्लाह की आयतों (उसकी निशानियों, उसके आदेशों और कुरआन की शिक्षाओं) को बेहद कम और तुच्छ दुनियावी कीमत पर बेच दिया। यानी उन्होंने सच्चाई और हिदायत को छोड़कर दुनिया के मामूली फायदे, शहवतें और अपनी ख्वाहिशों को पूरा करने के लिए झूठ और गलत रास्ता अपना लिया। उन्होंने अल्लाह की आयतों के बदले में दुनिया का यह बेकार सामान खरीद लिया।
फिर उन्होंने न सिर्फ खुद को अल्लाह के रास्ते पर चलने से रोका, बल्कि दूसरे लोगों को भी इस्लाम में दाखिल होने और सच्चाई अपनाने से रोका। उन्होंने लोगों को अल्लाह के दीन की तरफ बढ़ने से मना किया और उन्हें गुमराह करने की कोशिश की। उनका यह काम बहुत बुरा और घिनौना था, और वे जो कुछ भी कर रहे थे, वह अल्लाह की नज़र में बेहद नापसंदीदा और गुनाह का काम था। उनका यह कृत्य उनके ईमान के खोने और अल्लाह की नाराज़गी का सबब बना।
फायदे और सबक:
- अल्लाह की आयतों और उसके दीन को दुनिया के किसी भी मामूली फायदे के बदले बेचना सबसे बड़ा नुकसान है। एक मोमिन को चाहिए कि वह दुनिया की किसी भी चीज़ के लिए अपने ईमान और सच्चाई को हरगिज़ न छोड़े।
- यह आयत हमें सिखाती है कि सिर्फ खुद सच्चाई पर चलना काफी नहीं है, बल्कि दूसरों को भी अल्लाह के रास्ते की तरफ बुलाना और उन्हें गुमराही से बचाना हमारी जिम्मेदारी है। जो लोग दूसरों को सच्चाई से रोकते हैं, वे बहुत बड़े गुनाहगार हैं।
- दुनिया की चीज़ें चाहे कितनी भी खूबसूरत और आकर्षक क्यों न लगें, वे अल्लाह की आयतों और उसके दीन के मुकाबले बेहद कम और बेकार हैं। अक्लमंद वही है जो इस कम कीमत को छोड़कर हमेशा रहने वाली नेमतों को चुने।
- यह आयत हमें आगाह करती है कि हमारे कर्मों का अंजाम अल्लाह के पास है। जो लोग बुरे काम करते हैं और लोगों को सच्चाई से रोकते हैं, उनका अंजाम बहुत बुरा होगा, और अल्लाह उनके कर्मों से खुश नहीं होता।
- इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि ईमान और अल्लाह का रास्ता सबसे कीमती चीज़ है। इसे दुनिया की किसी भी चीज़ के बदले नहीं बेचा जा सकता। जो लोग इस सच्चाई को समझ जाते हैं, वे दुनिया की परवाह किए बिना अल्लाह के रास्ते पर चलते हैं और दूसरों को भी इसी की तरफ बुलाते हैं।
📜 आयत 7-11 — सूरा अत-तौबा
अनुवाद — अत-तौबा 9
सूरा अत-तौबा आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उन लोगों ने ख़ुदा की आयतों के बदले थोड़ी…सूरा आयत 9/129 — सूरा अत-तौबा التوبة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अत-तौबा सुनें, सूरा अत-तौबा अनुवाद, सूरा अत-तौबा mp3, सूरा अत-तौबा pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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