अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- عَبْدًا (अब्दन): अल्लाह का बंदा, यहाँ विशेष रूप से हज़रत मुहम्मद ﷺ को संदर्भित किया गया है।
- إِذَا صَلَّىٰ (इज़ा सल्ला): जब वह नमाज़ पढ़ता है।
व्याख्या:
इस आयत में अल्लाह तआला उस व्यक्ति (अबू जहल) की घृणित हरकत की ओर इशारा कर रहा है, जो एक ऐसे बंदे को नमाज़ पढ़ने से रोकता था, जो अपने रब की इबादत में मशगूल था। यहाँ "अब्द" का ज़िक्र करके अल्लाह तआला यह बताना चाहता है कि यह बंदा कोई आम आदमी नहीं, बल्कि अल्लाह का चुना हुआ और नेक बंदा है — हज़रत मुहम्मद ﷺ।
जब यह नेक बंदा अपने रब के सामने सजदे में जाता है और नमाज़ अदा करता है, तो अबू जहल जैसा व्यक्ति उसे रोकने की जुर्रत करता है। यह कितनी बड़ी बुराई और ज़ुल्म है कि एक इंसान किसी को अल्लाह की इबादत से रोके!
अल्लाह तआला इस आयत में उस बंदे की इज़्ज़त और उसकी नमाज़ की अहमियत को उजागर कर रहा है। नमाज़ एक ऐसी इबादत है जो बंदे को उसके रब से जोड़ती है, और जो लोग इससे रोकते हैं, वह अल्लाह की नज़र में सबसे बुरे लोग हैं।
यह आयत हमें सिखाती है कि नमाज़ की फ़ज़ीलत कितनी बड़ी है — यहाँ तक कि अल्लाह ने अपने नबी ﷺ की नमाज़ का ज़िक्र करके उसकी अहमियत को बयान किया। हमें भी चाहिए कि हम नमाज़ को कभी न छोड़ें, चाहे कोई भी हालत हो, और नमाज़ के ज़रिए अपने रब से क़ुर्बत हासिल करें।
याद रखें, नमाज़ वह नेमत है जो हमें हर मुश्किल में सहारा देती है, हमारे दिल को सुकून देती है, और हमें अल्लाह की रहमत के क़रीब लाती है। जो लोग नमाज़ से रोकते हैं, वह दरअसल इंसान को उसकी सबसे बड़ी भलाई से महरूम करना चाहते हैं। अल्लाह हमें नमाज़ की पाबंदी और उसकी अहमियत को समझने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 8-12 — अल-अलक
अनुवाद — अल-अलक 10
सूरा अल-अलक आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो एक बन्दे को जब वह नमाज़ पढ़ता है तो…सूरा आयत 10/19 — अल-अलक العلق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अलक सुनें, अल-अलक अनुवाद, अल-अलक mp3, अल-अलक pdf. आयत 8–12. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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