Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَرَأَيْتَ: क्या तुमने देखा? (यानी, क्या तुमने इस पर ग़ौर किया?)
- عَلَى الْهُدَىٰ: हिदायत पर हो, सीधे रास्ते पर हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयात में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को संबोधित करते हुए उस शख़्स (अबू जहल) की हैरतअंगेज़ हालत की तरफ़ इशारा कर रहा है जो एक बंदे को नमाज़ पढ़ने से रोकता है। अल्लाह फ़रमाता है: "क्या तुमने देखा? अगर वह शख़्स जिसे नमाज़ से रोका जा रहा है, हिदायत पर हो — यानी वह सच्चे दीन, सीधे रास्ते और स्पष्ट सत्य पर हो — तो क्या यह रोकने वाला उसे रोकना चाहिए?"
यहाँ अल्लाह तआला उस बड़े विरोधाभास की तरफ़ इशारा कर रहा है: एक तरफ़ वह बंदा है जो हिदायत पर है, जो अपने रब की इबादत कर रहा है, जो सच्चाई पर क़ायम है — और दूसरी तरफ़ वह शख़्स है जो उसे इस हिदायत से रोकने की कोशिश कर रहा है। क्या यह बड़ी नाइंसाफ़ी और ज़ुल्म नहीं?
यह आयात हमें सिखाती है कि हिदायत पर होने वालों को कभी किसी की रोक-टोक से नहीं डरना चाहिए। अगर आप सच्चाई पर हैं, अगर आपका रास्ता सीधा है, तो दुनिया की तरफ़ से आने वाली हर रुकावट बेमानी है। अल्लाह ही आपका हाफ़िज़ है, और वही आपकी मदद करने वाला है।
इस आयात में एक और बात सामने आती है — कि हिदायत पाना अल्लाह की बड़ी नेमत है। जब कोई इंसान हिदायत पर होता है, तो उसे चाहिए कि वह इस नेमत की क़द्र करे, उस पर साबित-क़दम रहे, और किसी भी मुख़ालिफ़ की परवाह न करे। क्योंकि हिदायत अल्लाह की तरफ़ से आती है, और अल्लाह की तरफ़ से आने वाली चीज़ को कोई रोक नहीं सकता।
यह आयात उन लोगों के लिए भी बड़ी तसल्ली है जो अल्लाह की राह में चलते हैं और उन्हें मुख़ालफ़त का सामना करना पड़ता है। अल्लाह उन्हें बताता है कि तुम्हारा रास्ता सही है, तुम हिदायत पर हो, और जो लोग तुम्हें रोकते हैं, वही असल में गुमराही पर हैं। तुम अपने रब की इबादत करते रहो, उसी से मदद माँगो, और उसी की तरफ़ रुजू करते रहो — क्योंकि अल्लाह ही सब कुछ देख रहा है और वही सबसे बेहतर जानता है।
📜 आयत 9-13 — सूरा अल-अलक
अनुवाद — अल-अलक 11
सूरा अल-अलक आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : भला देखो तो कि अगर ये राहे रास्त पर हो…सूरा आयत 11/19 — सूरा अल-अलक العلق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अलक सुनें, सूरा अल-अलक अनुवाद, सूरा अल-अलक mp3, सूरा अल-अलक pdf. आयत 9–13. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


