अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- رَسُولٌ: संदेशवाहक, पैगंबर।
- يَتْلُو: पढ़ता है, सुनाता है।
- صُحُفًا: पवित्र पन्ने, लिखित पृष्ठ।
- مُطَهَّرَةً: पवित्र की हुई, हर झूठ और बुराई से साफ।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला उस स्पष्ट प्रमाण और खुली हुई दलील का वर्णन कर रहा है, जो उसने अपने बंदों को दी। वह प्रमाण है अल्लाह का भेजा हुआ रसूल, हज़रत मुहम्मद ﷺ, जो अल्लाह की ओर से आए। वह ऐसे पवित्र पन्नों को पढ़ते हैं जो हर प्रकार की मिलावट, झूठ और बुराई से पाक और साफ हैं। ये पन्ने वही कुरआन हैं, जो अल्लाह की ओर से उतरा और जिसमें कोई कमी या बढ़ोतरी नहीं।
यहाँ यह बात समझनी चाहिए कि रसूल ﷺ उन पन्नों के लिखे हुए अक्षरों को नहीं पढ़ रहे थे, बल्कि उनके अंदर का संदेश और उनका मतलब सुना रहे थे, क्योंकि आप ﷺ उम्मी (अनपढ़) थे और आपने कभी पढ़ना-लिखना नहीं सीखा। यह स्वयं एक बड़ा चमत्कार था कि एक अनपढ़ व्यक्ति ऐसी पवित्र और अद्भुत किताब पढ़ता है जो सृष्टि की सबसे उत्तम शिक्षाओं से भरी है।
ये पन्ने इतने पवित्र हैं कि इन्हें छूने का अधिकार केवल वही लोग रखते हैं जो पाक और शुद्ध हों। यह कुरआन की महानता और उसकी पवित्रता का प्रमाण है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह ने अपनी रहमत से हमारे लिए एक ऐसा रसूल भेजा जो हमें सीधा रास्ता दिखाए और हमें अंधकार से निकालकर प्रकाश की ओर लाए। यह अल्लाह का सबसे बड़ा उपकार है कि उसने हमें कुरआन जैसी पवित्र किताब दी, जो हर युग और हर जगह के लिए मार्गदर्शन है। हमें इस नेमत पर अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए और कुरआन को पढ़ने, समझने और उस पर अमल करने की कोशिश करनी चाहिए। यही हमारी कामयाबी और दोनों जहान की भलाई का ज़रिया है। अल्लाह हमें अपनी किताब को समझने और उस पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 1-4 — अल-बय्यिना
अनुवाद — अल-बय्यिना 2
सूरा अल-बय्यिना आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (यानि) ख़ुदा के रसूल जो पाक औराक़ पढ़ते हैं (आए…सूरा आयत 2/8 — अल-बय्यिना البينة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बय्यिना सुनें, अल-बय्यिना अनुवाद, अल-बय्यिना mp3, अल-बय्यिना pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








