अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- انظُرُوا: देखो, विचार करो, ग़ौर और फ़िक्र से देखो।
- الْآيَاتُ: निशानियाँ, चमत्कार, वे सबूत जो अल्लाह की क़ुदरत और वहदानियत पर दालालत करते हैं।
- النُّذُرُ: डराने वाले, सावधान करने वाले (अर्थात पैग़म्बर और उनकी चेतावनियाँ)।
- تُغْنِي: कोई फ़ायदा देना, काम आना, नुक़्सान को टालना।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप इन मुशरिकों से कह दीजिए जो आपसे माँग करते हैं कि हमें कोई मो'जिज़ा दिखाओ, कोई निशानी लाओ: "ज़रा अपनी आँखें खोलकर देखो और ग़ौर-ओ-फ़िक्र से विचार करो कि आसमानों और ज़मीन में क्या-क्या निशानियाँ और सबूत मौजूद हैं।" ये सारा कायनात — सूरज, चाँद, तारे, बादल, बारिश, पहाड़, दरिया, पेड़-पौधे, जानवर, इंसान की पैदाइश और उसका जीवन — सब कुछ अल्लाह की वहदानियत, उसकी क़ुदरत, उसके इल्म और उसकी हिकमत की खुली हुई किताब है। हर चीज़ में उसकी निशानियाँ मौजूद हैं। ये निशानियाँ किसी मो'जिज़े की मुहताज नहीं, बल्कि ख़ुद एक बड़ा मो'जिज़ा हैं।
लेकिन याद रखो — ये निशानियाँ, ये आयतें, और ये डराने वाले पैग़म्बर जो लोगों को अल्लाह के अज़ाब से आगाह करते हैं, उन लोगों के किसी काम नहीं आतीं जो ईमान नहीं लाना चाहते। उनके दिलों पर मुहर लग चुकी है, वे हठधर्मी और अंधेपन पर अड़े हुए हैं। जिस क़ौम ने सच को सुनकर भी क़बूल करने से इनकार कर दिया, उसके लिए कोई निशानी और कोई चेतावनी फ़ायदा नहीं दे सकती। जैसे अंधे को सूरज दिखाना बेकार है, वैसे ही हठीले दिल को सबूत देना बेकार है।
फ़ायदे (सबक़ और नसीहतें):
- कायनात में ग़ौर-ओ-फ़िक्र इबादत है: ये आयत हमें सिखाती है कि आसमान और ज़मीन की पैदाइश पर विचार करना, उसमें छिपी हिक्मतों को समझना, ये एक बड़ी इबादत और ईमान की कसौटी है। जितना ग़ौर करेंगे, उतना अल्लाह की अज़मत और मुहब्बत दिल में बढ़ेगी।
- हर चीज़ में अल्लाह की निशानी है: एक पत्ते के हिलने से लेकर सितारों की गर्दिश तक, हर चीज़ हमें अपने रब की याद दिलाती है। जो दिल इन निशानियों को पढ़ना सीख जाए, उसे कभी गुमराही का ख़ौफ़ नहीं होता।
- ईमान दिल की चीज़ है: बाहरी निशानियाँ और मो'जिज़े तभी फ़ायदा देते हैं जब दिल में सच्चाई को क़बूल करने की तैयारी हो। इसलिए हमें अपने दिल को नर्म रखना चाहिए, हठधर्मी और अकड़ से बचना चाहिए, ताकि हक़ की आवाज़ दिल में उतर सके।
- अल्लाह की रहमत का शुक्र: ये आयत हमें एहसास दिलाती है कि हम पर अल्लाह का कितना बड़ा एहसान है कि उसने हमें ईमान की तौफ़ीक़ दी। हमें चाहिए कि इस नेमत की क़द्र करें और उस पर साबित-क़दम रहें।
- दावत में कोशिश, नतीजा अल्लाह पर: पैग़म्बरों का काम पहुँचाना था, हिदायत देना अल्लाह के हाथ में है। हमें भी अपना फ़र्ज़ अदा करना चाहिए — अच्छी बात पहुँचानी चाहिए — लेकिन अगर कोई न माने तो मायूस नहीं होना चाहिए, क्योंकि हिदायत सिर्फ़ अल्लाह देता है।
📜 आयत 99-103 — यूनुस
अनुवाद — यूनुस 101
सूरा यूनुस आयत 101 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कहा दो कि ज़रा देखों तो सही…सूरा आयत 101/109 — यूनुस يونس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूनुस सुनें, यूनुस अनुवाद, यूनुस mp3, यूनुस pdf. आयत 99–103. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








