अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَيَّامِ: यहाँ "दिनों" से मतलब उन ऐतिहासिक घटनाओं और वारदातों से है जो अल्लाह ने पिछली उम्मतों पर नाज़िल कीं, यानी अज़ाब और सज़ा के दिन।
- خَلَوْا: गुज़र चुके, बीत चुके, पहले जा चुके।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला ने पैगंबर मुहम्मद ﷺ को हिदायत दी है कि वे मक्का के मुशरिकीन से कहें: क्या ये लोग जो तुम्हारे पैगंबर को झुठला रहे हैं और सच्चाई के आगे सर झुकाने से इनकार कर रहे हैं, क्या ये केवल उसी अंजाम का इंतज़ार कर रहे हैं जो उनसे पहले गुज़र चुकी झुठलाने वाली उम्मतों का हुआ था? यानी जब नूह, हूद, सालिह, लूत और शुऐब (अलैहिमुस्सलाम) की क़ौमों ने अपने रसूलों को झुठलाया, तो अल्लाह ने उन पर तूफान, चीख़, भूकंप, पत्थरों की बारिश और दूसरे अज़ाब नाज़िल किए। ये मुशरिकीन भी उसी तरह के अज़ाब के मुंतज़िर हैं।
अल्लाह तआला पैगंबर ﷺ से फ़रमाता है: आप उनसे कह दीजिए कि अगर तुम अपनी ज़िद और सरकशी पर अड़े रहोगे, तो अच्छा, इंतज़ार करो। मैं भी तुम्हारे साथ इंतज़ार करने वालों में से हूँ। मैं उस वादे का इंतज़ार कर रहा हूँ जो मेरे रब ने मुझसे किया है कि वह तुम्हें सज़ा देगा और मुझे और मेरे साथियों को नजात देगा। यह एक धमकी भरा अंदाज़ है, जिसमें पैगंबर ﷺ का पूरा भरोसा अल्लाह के वादे पर ज़ाहिर होता है।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह का क़ानून बदलता नहीं: अल्लाह का यह क़ानून सदियों से चला आ रहा है कि जो सच्चाई को झुठलाता है और ज़िद पर अड़ा रहता है, उसका अंजाम बुरा होता है। यह क़ानून किसी खास ज़माने या मुल्क के लिए नहीं, बल्कि हर ज़माने और हर जगह के लिए है।
- सब्र और भरोसा: पैगंबर ﷺ का यह अंदाज़ हमें सिखाता है कि जब हम हक़ पर हों और लोग हमारा मुक़ाबला करें, तो हमें घबराना नहीं चाहिए, बल्कि अल्लाह पर भरोसा रखते हुए सब्र करना चाहिए और उसके फैसले का इंतज़ार करना चाहिए।
- चेतावनी का महत्व: यह आयत उन लोगों के लिए एक सख्त चेतावनी है जो नबियों की दावत को ठुकराते हैं और अपनी मनमानी पर अड़े रहते हैं। इतिहास गवाह है कि ऐसे लोगों का अंजाम हमेशा बुरा ही रहा है।
- इंतज़ार का सही मतलब: मोमिन का इंतज़ार अल्लाह की मदद और फ़तह का होता है, जबकि काफिर का इंतज़ार अज़ाब और सज़ा का। यह फर्क हमें अपने रवैये को सुधारने की तरफ रहनुमाई करता है।
📜 आयत 100-104 — यूनुस
अनुवाद — यूनुस 102
सूरा यूनुस आयत 102 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो ये लोग भी उन्हें सज़ाओं के मुन्तिज़र (इन्तजार में)…सूरा आयत 102/109 — यूनुस يونس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूनुस सुनें, यूनुस अनुवाद, यूनुस mp3, यूनुस pdf. आयत 100–104. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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