Ilaihi marji`ukum jamee `anw wa`dal laahi haqqaa; innahoo yabda`ul khalqa summa yu`eeduhoo liyajziyal lazeena aamanoo wa `amilus saalihaati bilqist; wallazeena kafaroo lahum sharaabum min hamee minw wa `azaabun aleemum bimaa kaanoo yakfuroon
📖 अनुवाद (हिंदी अर्थ)
📖 हिंदी अर्थ
तुम सबको (आख़िर) उसी की तरफ लौटना है ख़ुदा का वायदा सच्चा है वही यक़ीनन मख़लूक को पहली मरतबा पैदा करता है फिर (मरने के बाद) वही दुबारा जिन्दा करेगा ताकि जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया और अच्छे अच्छे काम किए उनको इन्साफ के साथ जज़ाए (ख़ैर) अता फरमाएगा और जिन लोगों ने कुफ्र एख्तियार किया उन के लिए उनके कुफ्र की सज़ा में पीने को खौलता हुआ पानी और दर्दनाक अज़ाब होगा
🌐 Additional reference in اردو
🌐 اردو
اسی کے پاس تم سب کو لوٹ کر جانا ہے۔ خدا کا وعدہ سچا ہے۔ وہی خلقت کو پہلی بار پیدا کرتا ہے۔ پھر وہی اس کو دوبارہ پیدا کرے گا تاکہ ایمان والوں اور نیک کام کرنے والوں کو انصاف کے ساتھ بدلہ دے۔ اور جو کافر ہیں ان کے لیے پینے کو نہایت گرم پانی اور درد دینے والا عذاب ہوگا کیوں کہ (خدا سے) انکار کرتے تھے
तुम सबको (आख़िर) उसी की तरफ लौटना है ख़ुदा का वायदा सच्चा है वही यक़ीनन मख़लूक को पहली मरतबा पैदा करता है फिर (मरने के बाद) वही दुबारा जिन्दा करेगा ताकि जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया और अच्छे अच्छे काम किए उनको इन्साफ के साथ जज़ाए (ख़ैर) अता फरमाएगा और जिन लोगों ने कुफ्र एख्तियार किया उन के लिए उनके कुफ्र की सज़ा में पीने को खौलता हुआ पानी और दर्दनाक अज़ाब होगा
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
مَرْجِعُكُمْ: तुम सब की वापसी का स्थान।
حَمِيمٍ: अत्यंत गर्म पानी जो आंतों को काट दे।
بِالْقِسْطِ: पूर्ण न्याय के साथ।
أَلِيمٌ: दर्दनाक और तकलीफ़देह।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ लोगों! तुम सब का अंतिम पड़ाव और लौटने की जगह अकेले अल्लाह ही की तरफ़ है। यह कोई खोखला वादा नहीं, बल्कि अल्लाह का सच्चा और पक्का वादा है, जिसमें किसी तरह का फेर-बदल या खिलाफ़ नहीं हो सकता। वही है जो पहली बार सृष्टि की शुरुआत करता है—बिना किसी पूर्व नमूने के हर चीज़ को पैदा करता है—और फिर मौत के बाद उसे दोबारा जीवित करेगा, ठीक उसी तरह जैसे उसने पहली बार पैदा किया था। यह दोबारा उठाना कोई मुश्किल काम नहीं, क्योंकि जिसने पहली बार पैदा किया, वह दूसरी बार भी पैदा कर सकता है।
इस पुनरुत्थान का उद्देश्य यह है कि वह उन लोगों को पूरा-पूरा बदला दे जिन्होंने अल्लाह पर ईमान लाया और अच्छे कर्म किए। उन्हें उनके अच्छे कामों का पूरा और न्यायपूर्ण प्रतिफल मिलेगा—न उनकी नेकियों में कोई कमी की जाएगी, न उनके साथ कोई ज़ुल्म होगा। और जिन लोगों ने अल्लाह की वहदानियत (एकता) और उसके रसूलों को झुठलाया, उनके लिए अत्यंत गर्म पानी का पेय होगा जो उनके चेहरों को झुलसा देगा और आंतों को टुकड़े-टुकड़े कर देगा। इसके अलावा उनके लिए एक दर्दनाक और भयंकर अज़ाब होगा—यह सब उनके कुफ़्र और इनकार की सज़ा है, क्योंकि उन्होंने सत्य को जानते हुए भी उसे नकारा और अल्लाह के रास्ते से भटक गए।
फ़ायदे (सीख):
यह आयत हमें याद दिलाती है कि यह दुनिया आख़िरी मंज़िल नहीं है; हर इंसान को एक दिन अपने रब के सामने हाज़िर होना है। इस यक़ीन से इंसान की ज़िंदगी में सोच-समझकर चलने की तौफ़ीक़ पैदा होती है।
अल्लाह का वादा सच्चा है—यह बात मोमिन के दिल को सुकून देती है कि उसका रब कभी वादा खिलाफ़ी नहीं करता। इसलिए नेकी पर चलते रहना चाहिए, चाहे दुनिया में इनाम दिखे या न दिखे।
अल्लाह की क़ुदरत का नमूना पेश किया गया है—पहली बार पैदा करना और दोबारा जीवित करना। यह हमें सिखाता है कि जो अल्लाह पर भरोसा करे, उसे कभी निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि उसकी ताक़त की कोई सीमा नहीं।
न्याय का दिन ज़रूर आएगा और हर अच्छे काम का बदला पूरा मिलेगा। यह विश्वास इंसान को नेकी पर स्थिर रहने और बुराई से बचने की ताक़त देता है।
कुफ़्र और इनकार का अंजाम बहुत भयानक है—गर्म पानी और दर्दनाक अज़ाब। यह चेतावनी हमें अपने ईमान की हिफ़ाज़त करने और अल्लाह की नाफ़रमानी से बचने की तरग़ीब देती है।
क्या लोगों को इस बात से बड़ा ताज्जुब हुआ कि हमने उन्हीं लोगों में से एक आदमी के पास वही भेजी कि (बे ईमान) लोगों को डराओ और ईमानदारो को इसकी ख़ुश ख़बरी सुना दो कि उनके लिए उनके परवरदिगार की बारगाह में बुलन्द दर्जे है (मगर) कुफ्फार (उन आयतों को सुनकर) कहने लगे कि ये (शख्स तो यक़ीनन सरीही जादूगर) है
इसमें तो शक़ ही नहीं कि तुमरा परवरदिगार वही ख़ुदा है जिसने सारे आसमान व ज़मीन को 6 दिन में पैदा किया फिर उसने अर्श को बुलन्द किया वही हर काम का इन्तज़ाम करता है (उसके सामने) कोई (किसी का) सिफारिशी नहीं (हो सकता) मगर उसकी इजाज़त के बाद वही ख़ुदा तो तुम्हारा परवरदिगार है तो उसी की इबादत करो तो क्या तुम अब भी ग़ौर नही करते
तुम सबको (आख़िर) उसी की तरफ लौटना है ख़ुदा का वायदा सच्चा है वही यक़ीनन मख़लूक को पहली मरतबा पैदा करता है फिर (मरने के बाद) वही दुबारा जिन्दा करेगा ताकि जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया और अच्छे अच्छे काम किए उनको इन्साफ के साथ जज़ाए (ख़ैर) अता फरमाएगा और जिन लोगों ने कुफ्र एख्तियार किया उन के लिए उनके कुफ्र की सज़ा में पीने को खौलता हुआ पानी और दर्दनाक अज़ाब होगा
वही वह (ख़ुदाए क़ादिर) है जिसने आफ़ताब को चमकदार और महताब को रौशन बनाया और उसकी मंज़िलें मुक़र्रर की ताकि तुम लोग बरसों की गिनती और हिसाब मालूम करो ख़ुदा ने उसे हिकमत व मसलहत से बनाया है वह (अपनी) आयतों का वाक़िफ़कार लोगों के लिए तफ़सीलदार बयान करता है
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