Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَمْرُنَا (हमारा आदेश/अम्र): यहाँ अल्लाह का वह आदेश है जो आद के क़ौम पर अज़ाब की शक्ल में नाज़िल हुआ।
- نَجَّيْنَا (हमने नजात दी): बचा लिया, मुक्त कर दिया।
- بِرَحْمَةٍ (रहमत के साथ): अल्लाह की विशेष दया और कृपा से।
- غَلِيظٍ (सख्त/कठोर): बहुत भारी और दर्दनाक अज़ाब।
तफसीर (व्याख्या):
जब हमारा फ़ैसला आ गया और आद की क़ौम पर अज़ाब का वक़्त आ पहुँचा, तो अल्लाह तआला ने अपनी ख़ास रहमत और फ़ज़ल से हज़रत हूद (अलैहिस्सलाम) को और उन लोगों को जो उन पर ईमान लाए थे, उस सख्त अज़ाब से महफ़ूज़ रखा। यह अज़ाब इतना भयानक था कि उसने पूरी क़ौम को तबाह कर दिया, लेकिन अल्लाह की रहमत ने हूद और उनके साथियों को उससे बचा लिया। यह नजात सिर्फ़ दुनिया के अज़ाब से नहीं थी, बल्कि आख़िरत के सख्त अज़ाब से भी महफ़ूज़ी थी, क्योंकि ईमानवालों को दोनों जहान में अल्लाह की पनाह हासिल होती है। जब अज़ाब आया तो काफ़िरों का कोई निशान नहीं बचा, सिवाय उनके खाली घरों के, जबकि हूद और उनके साथी सही-सलामत बच निकले।
फ़ायदे (सबक और रहनुमाई):
- रहमत-ए-इलाही का दरवाज़ा हमेशा खुला है: अल्लाह की रहमत उसके नेक बंदों के साथ होती है, चाहे कितनी भी बड़ी मुसीबत क्यों न आए। ईमानवालों के लिए अल्लाह की पनाह सबसे बड़ी ताक़त है।
- ईमान ही नजात का ज़रिया है: इस आयत से साबित होता है कि सिर्फ़ ईमान ही वह चीज़ है जो इंसान को दुनिया और आख़िरत के अज़ाब से बचाती है। नेक अमल के साथ सच्चा ईमान ही कामयाबी की कुंजी है।
- अल्लाह की मदद का वक़्त: जब अज़ाब आता है तो अल्लाह अपने नबियों और ईमानवालों को ज़रूर नजात देता है। यह अल्लाह का वायदा है जो कभी नहीं टूटता।
- गुनाह से बचने की तरग़ीब: यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि अल्लाह की नाफ़रमानी का अंजाम तबाही है, और उसकी इताअत (आज्ञाकारिता) ही सुरक्षा का रास्ता है। इसलिए हमें हर हाल में अल्लाह के हुक्मों का पालन करना चाहिए।
- नबियों की मुहब्बत: हज़रत हूद (अलैहिस्सलाम) की क़ौम ने उन्हें झुठलाया, लेकिन अल्लाह ने उन्हें इज़्ज़त दी। इससे हमें सबक मिलता है कि हक़ पर क़ायम रहने वालों को आख़िर में कामयाबी ज़रूर मिलती है, चाहे दुनिया में कितनी भी मुख़ालिफ़त क्यों न हो।
📜 आयत 56-60 — सूरा हूद
अनुवाद — हूद 58
सूरा हूद आयत 58 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब हमारा (अज़ाब का) हुक्म आ पहुँचा तो हमने…सूरा आयत 58/123 — सूरा हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा हूद सुनें, सूरा हूद अनुवाद, सूरा हूद mp3, सूरा हूद pdf. आयत 56–60. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा हूद
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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