Fa in tawallaw faqad ablaghtukum maaa ursiltu biheee ilaikum; wa yastakhlifu Rabbee qawman ghairakum wa laa tadur roonahoo shai`aa; inna Rabbee `alaa kulli shai`in Hafeez
📖 अनुवाद (हिंदी अर्थ)
📖 हिंदी अर्थ
इस पर भी अगर तुम उसके हुक्म से मुँह फेरे रहो तो जो हुक्म दे कर मैं तुम्हारे पास भेजा गया था उसे तो मैं यक़ीनन पहुँचा चुका और मेरा परवरदिगार (तुम्हारी नाफरमानी पर तुम्हें हलाक करें) तुम्हारे सिवा दूसरी क़ौम को तुम्हारा जानशीन करेगा और तुम उसका कुछ भी बिगाड़ नहीं सकते इसमें तो शक़ नहीं है कि मेरा परवरदिगार हर चीज़ का निगेहबान है
🌐 Additional reference in اردو
🌐 اردو
اگر تم روگردانی کرو گے تو جو پیغام میرے ہاتھ تمہاری طرف بھیجا گیا ہے، وہ میں نے تمہیں پہنچا دیا ہے۔ اور میرا پروردگار تمہاری جگہ اور لوگوں کو لابسائے گا۔ اور تم خدا کا کچھ بھی نقصان نہیں کرسکتے۔ میرا پروردگار تو ہر چیز پر نگہبان ہے
इस पर भी अगर तुम उसके हुक्म से मुँह फेरे रहो तो जो हुक्म दे कर मैं तुम्हारे पास भेजा गया था उसे तो मैं यक़ीनन पहुँचा चुका और मेरा परवरदिगार (तुम्हारी नाफरमानी पर तुम्हें हलाक करें) तुम्हारे सिवा दूसरी क़ौम को तुम्हारा जानशीन करेगा और तुम उसका कुछ भी बिगाड़ नहीं सकते इसमें तो शक़ नहीं है कि मेरा परवरदिगार हर चीज़ का निगेहबान है
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
تَوَلَّوْا: मुँह मोड़ो, विमुख हो जाओ।
أَبْلَغْتُكُم: मैंने तुम्हें पहुँचा दिया।
يَسْتَخْلِفُ: दूसरों को तुम्हारा उत्तराधिकारी बनाएगा।
حَفِيظ: हर चीज़ की रक्षा करने वाला, देखभाल करने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप कहें कि यदि ये लोग आपके संदेश से मुँह मोड़ लें और उसे स्वीकार न करें, तो आप पर कोई दोष नहीं है। आपने उन्हें वह सब कुछ पहुँचा दिया जो अल्लाह ने आपको सौंपा था और जिसे पहुँचाने का आदेश दिया था। इस प्रकार आपने अपनी ज़िम्मेदारी पूरी कर दी और उन पर हुज्जत (प्रमाण) क़ायम हो गई। अब यदि वे ईमान नहीं लाते, तो उनका यह इनकार अल्लाह को कोई नुक़सान नहीं पहुँचा सकता, क्योंकि अल्लाह उनसे बेनियाज़ (बेपरवाह) है। वह उन्हें हलाक करके उनकी जगह दूसरी क़ौम लाएगा जो उसकी इबादत करेगी, उसे एक मानेगी और उसके आगे सिर झुकाएगी। ये लोग अपने कुफ़्र और इनकार से न तो अल्लाह को कोई नुक़सान पहुँचा सकते हैं और न ही उसके दीन को। अल्लाह हर चीज़ पर निगरानी रखने वाला और हर चीज़ की रक्षा करने वाला है। वह अपने नबी की रक्षा उनके बुरे इरादों और साज़िशों से करता है, और वही उनके कर्मों का हिसाब लेने वाला है।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
दावत और पैग़ाम पहुँचाने के बाद नबी की ज़िम्मेदारी ख़त्म हो जाती है; हिदायत देना अल्लाह के हाथ में है। यह हमें सिखाता है कि हमें अपना फ़र्ज़ निभाना चाहिए, नतीजा अल्लाह पर छोड़ देना चाहिए।
अल्लाह की शक्ति असीम है; वह किसी पर निर्भर नहीं है। जब एक क़ौम उसकी नाफ़रमानी करती है, तो वह उसके स्थान पर दूसरी क़ौम ला सकता है। यह हमें अल्लाह के सामने विनम्रता और आज्ञाकारिता सिखाता है।
अल्लाह अपने नेक बंदों की रक्षा करता है और उन्हें दुश्मनों की बुराइयों से बचाता है। यह मोमिन के दिल में अल्लाह पर भरोसे की मज़बूती पैदा करता है।
यह आयत हमें सिखाती है कि दुनिया में किसी क़ौम या व्यक्ति की अहमियत अल्लाह की आज्ञाकारिता पर निर्भर है; जो उसकी इबादत से मुँह मोड़ेगा, उसे बदला जा सकता है। इसलिए हमें हमेशा अल्लाह की राह पर क़ायम रहना चाहिए और उसकी नेमतों का शुक्र अदा करना चाहिए।
मै तो सिर्फ ख़ुदा पर भरोसा रखता हूँ जो मेरा भी परवरदिगार है और तुम्हारा भी परवरदिगार है और रुए ज़मीन पर जितने चलने वाले हैं सबकी चोटी उसी के साथ है इसमें तो शक़ ही नहीं कि मेरा परवरदिगार (इन्साफ की) सीधी राह पर है
इस पर भी अगर तुम उसके हुक्म से मुँह फेरे रहो तो जो हुक्म दे कर मैं तुम्हारे पास भेजा गया था उसे तो मैं यक़ीनन पहुँचा चुका और मेरा परवरदिगार (तुम्हारी नाफरमानी पर तुम्हें हलाक करें) तुम्हारे सिवा दूसरी क़ौम को तुम्हारा जानशीन करेगा और तुम उसका कुछ भी बिगाड़ नहीं सकते इसमें तो शक़ नहीं है कि मेरा परवरदिगार हर चीज़ का निगेहबान है
(ऐ रसूल) ये हालात क़ौमे आद के हैं जिन्होंने अपने परवरदिगार की आयतों से इन्कार किया और उसके पैग़म्बरों की नाफ़रमानी की और हर सरकश (दुश्मने ख़ुदा) के हुक्म पर चलते रहें
सूराकुरान वेबसाइट की स्थापना पवित्र किताब और पाक सुन्नत की सेवा, अल्लाह की ओर बुलावा, और कुरान व सुन्नत के मार्ग पर धार्मिक विज्ञान को सुगम बनाने के एक विनम्र प्रयास के रूप में की गई थी। हम अल्लाह की प्रशंसा और उसके अनुग्रह के लिए धन्यवाद करते हैं, और उससे प्रार्थना करते हैं कि वह हमारे कार्यों को स्वीकार करे और उन्हें केवल उसके महान चेहरे के लिए विशुद्ध बनाए।