Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَامْرَأَتُهُ: उसकी पत्नी (अबू लहब की पत्नी, उम्मे जमील, जो अबू सुफ़ियान की बहन थी)।
- حَمَّالَةَ الْحَطَبِ: लकड़ियाँ (ईंधन) ढोने वाली — अर्थात वह काँटेदार लकड़ियाँ इकट्ठा करके रास्ते में डालती थी।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला ने अबू लहब की पत्नी उम्मे जमील का ज़िक्र किया है, जो अपने शौहर के साथ नरक में जाने वाली है। वह नबी करीम ﷺ को सताने में अपने शौहर की सहायक थी। वह काँटेदार लकड़ियाँ और झाड़ियाँ इकट्ठा करके रात के अंधेरे में नबी ﷺ के रास्ते में डाल देती थी, ताकि उन्हें कष्ट पहुँचे। इसके अलावा, वह लोगों को नबी ﷺ के खिलाफ़ भड़काती थी और उनके विरुद्ध बुराई फैलाती थी। कुछ मुफ़स्सिरों ने "हम्मालतल हतब" का अर्थ "गुनाहों का बोझ ढोने वाली" भी लिया है, क्योंकि वह अपने शौहर के साथ मिलकर नबी ﷺ को तकलीफ़ देने के गुनाहों में शामिल थी।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की राह में कष्ट उठाने वालों को अल्लाह खुद नस्र देता है और उनके दुश्मनों को रुसवा करता है। नबी ﷺ को सताने वाले अबू लहब और उसकी पत्नी को अल्लाह ने क़ुरआन में हमेशा के लिए ज़लील कर दिया, और उनका नाम क़यामत तक बुराई की मिसाल बन गया। यह उन लोगों के लिए बड़ी नसीहत है जो अल्लाह के नबियों और उनके अनुयायियों को सताते हैं — उनका अंजाम नरक की आग है।
इससे हमें यह भी सबक मिलता है कि पति-पत्नी का रिश्ता चाहे कितना भी गहरा हो, अगर वे मिलकर बुराई और सत्य के विरोध में काम करें, तो वह रिश्ता उन्हें अल्लाह के अज़ाब से नहीं बचा सकता। हमें चाहिए कि हम अपने घरों को अल्लाह की इबादत और नबी ﷺ की मुहब्बत का केंद्र बनाएँ, न कि नफ़रत और फ़साद का। अल्लाह हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 2-5 — सूरा अल-मसद
अनुवाद — अल-मसद 4
सूरा अल-मसद आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उसकी जोरू भी जो सर पर ईंधन उठाए फिरती…सूरा आयत 4/5 — सूरा अल-मसद المسد (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मसद सुनें, सूरा अल-मसद अनुवाद, सूरा अल-मसद mp3, सूरा अल-मसद pdf. आयत 2–5. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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