Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الصِّدِّيقُ (अस-सिद्दीक): अत्यधिक सत्यवादी, जिसका सत्य हर बात और हर अवस्था में प्रकट हो।
- سِمَانٍ (सिमान): मोटी-ताज़ी (गायें)।
- عِجَافٌ (अजाफ़): दुबली-पतली, कमज़ोर (गायें)।
- سُنبُلَاتٍ (सुन्बुलात): बालियाँ (गेहूँ की)।
- خُضْرٍ (ख़ुद्र): हरी-भरी।
- يَابِسَاتٍ (याबिसात): सूखी हुई।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब वह रसूल (दूत) यूसुफ़ अलैहिस्सलाम के पास पहुँचा, तो उसने कहा: "ऐ यूसुफ़! ऐ सिद्दीक़ (सच्चे और सत्यवादी)! हमें इस स्वप्न का अर्थ बताइए जिसमें सात मोटी-ताज़ी गायें हैं, जिन्हें सात दुबली-पतली गायें खा रही हैं, और सात हरी बालियाँ हैं तथा सात सूखी बालियाँ भी हैं। मैं यह अर्थ जानकर लोगों (राजा और उसके दरबारियों) के पास लौटूँगा, ताकि वे इस स्वप्न का सही अर्थ जान सकें और आपकी विद्वता और उच्च स्थान को भी पहचान सकें।"
यूसुफ़ अलैहिस्सलाम ने इस स्वप्न का अर्थ बताया कि सात मोटी गायें और सात हरी बालियाँ सात वर्षों की समृद्धि और खुशहाली की ओर संकेत करती हैं, जिनमें खूब फसलें होंगी। और सात दुबली गायें तथा सात सूखी बालियाँ सात कठिन और अकाल के वर्षों की ओर संकेत करती हैं, जो उन समृद्ध वर्षों के बाद आएँगी। इसलिए उन्हें चाहिए कि समृद्धि के वर्षों में अनाज बचाकर रखें, ताकि कठिन वर्षों में काम आ सके।
फ़ायदे (लाभ और शिक्षाएँ):
- सच्चाई और सत्यवादिता की बरकत: यूसुफ़ अलैहिस्सलाम को "सिद्दीक़" कहकर पुकारा गया, जो दर्शाता है कि सच्चाई और ईमानदारी से इंसान का मुक़ाम इतना ऊँचा हो जाता है कि लोग उससे मार्गदर्शन माँगते हैं। सच्चाई में ही बरकत है।
- इल्म (ज्ञान) की अहमियत: यह घटना बताती है कि अल्लाह ने जिसे ज्ञान दिया है, वह लोगों के काम आता है। यूसुफ़ अलैहिस्सलाम का ज्ञान उन्हें जेल से निकालने और पूरे मुल्क की बदहाली दूर करने का ज़रिया बना। ज्ञान सम्मान और उन्नति का कारण है।
- योजना और तैयारी: स्वप्न के माध्यम से भविष्य की आर्थिक स्थिति की जानकारी दी गई, जिससे पता चलता है कि इंसान को अपने भविष्य के लिए योजना बनानी चाहिए और कठिन समय के लिए तैयार रहना चाहिए। यह इस्लामी शिक्षा है कि इंसान अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए दूरदर्शिता से काम ले।
- नम्रता और अच्छे अख़लाक़: यूसुफ़ अलैहिस्सलाम ने जेल में रहते हुए भी लोगों की मदद की और उनके सवालों का जवाब दिया। यह हमें सिखाता है कि मुसीबत में भी दूसरों की भलाई करनी चाहिए और अच्छे अख़लाक़ नहीं छोड़ने चाहिए।
- अल्लाह पर भरोसा: यूसुफ़ अलैहिस्सलाम की कहानी हमें सिखाती है कि कितनी भी बड़ी मुसीबत हो, अल्लाह पर भरोसा रखने वाले को अल्लाह ज़रूर निकालता है और उसकी मदद करता है। जेल जैसी तंग जगह से भी अल्लाह ने उन्हें बुलंदी दी।
📜 आयत 44-48 — सूरा यूसुफ
अनुवाद — यूसुफ 46
सूरा यूसुफ आयत 46 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ग़रज़ वह गया और यूसुफ से कहने लगा) ऐ यूसुफ…सूरा आयत 46/111 — सूरा यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यूसुफ सुनें, सूरा यूसुफ अनुवाद, सूरा यूसुफ mp3, सूरा यूसुफ pdf. आयत 44–48. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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