अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- حَلَالًا طَيِّبًا: जो शरीयत की दृष्टि से वैध हो और स्वभावतः पवित्र एवं उत्तम हो।
- وَاشْكُرُوا نِعْمَتَ اللهِ: अल्लाह की नेमतों का एहसान मानो, उसकी प्रशंसा करो और उसे उसी के बताए रास्ते पर इस्तेमाल करो।
- إِن كُنتُمْ إِيَّاهُ تَعْبُدُونَ: यदि तुम सच्चे दिल से अल्लाह की इबादत करते हो और उसे अकेला पूजते हो।
तफसीर:
अल्लाह तआला अपने ईमानवाले बंदों को हिदायत देता है कि वे उस रिज़्क़ (जीविका) में से खाएँ जो अल्लाह ने उन्हें दिया है, बशर्ते वह हलाल हो और पाक व साफ हो। यानी खाने-पीने की चीज़ें वैध हों, किसी हराम या नाजायज़ तरीके से कमाई न की गई हों, और वे चीज़ें स्वभावतः अच्छी व पवित्र हों — न अपवित्र, न नुकसानदेह, न नजिस।
इसके साथ ही अल्लाह ने यह भी सिखाया कि इन नेमतों को पाकर अल्लाह का शुक्र अदा करो। शुक्र का मतलब सिर्फ ज़बान से "शुक्र" कहना नहीं है, बल्कि दिल से अल्लाह का एहसान मानना, उसकी तारीफ करना, और उसकी दी हुई नेमतों को उसी की इबादत और उसकी रज़ा के कामों में खर्च करना भी शुक्र है। जो व्यक्ति अल्लाह की नेमत को पहचाने और उसे अल्लाह की मरज़ी के मुताबिक इस्तेमाल करे, वही सच्चा शुक्रगुज़ार है।
फिर अल्लाह फ़रमाता है: "अगर तुम सचमुच अल्लाह की इबादत करते हो" — यानी अगर तुम्हारा दावा है कि तुम अल्लाह के बंदे हो और उसी की इबादत करते हो, तो इस दावे की सच्चाई का सबूत यही है कि तुम हलाल खाओ, हराम से बचो, और अल्लाह की नेमतों पर शुक्र अदा करो। क्योंकि जो बंदा सच्चे दिल से अल्लाह की इबादत करता है, वह उसके हुक्मों को मानता है और उसकी दी हुई चीज़ों को उसी की बताई हुई विधि के अनुसार इस्तेमाल करता है।
फ़ायदे:
- इस आयत से सीख मिलती है कि हलाल कमाई और हलाल खाना ईमान की निशानी है। जो व्यक्ति हराम से बचता है, वह अल्लाह का सच्चा बंदा है।
- अल्लाह की नेमतों का सही इस्तेमाल करना और उसे अल्लाह की रज़ा के कामों में लगाना शुक्र की असली सूरत है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि खाने-पीने में भी दीन का एहतिमाम (ध्यान) होना चाहिए — सिर्फ पेट भरना मकसद नहीं, बल्कि पाक और वैध चीज़ें खाना अल्लाह की इबादत का हिस्सा है।
- शुक्र अदा करने से अल्लाह नेमतों में बरकत (वृद्धि) देता है, और यह बंदे को अल्लाह के और करीब लाता है।
📜 आयत 112-116 — अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 114
सूरा अन-नहल आयत 114 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर अज़ाब (ख़ुदा) ने उन्हें ले डाला और वह ज़ालिम…सूरा आयत 114/128 — अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नहल सुनें, अन-नहल अनुवाद, अन-नहल mp3, अन-नहल pdf. आयत 112–116. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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