अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أَوْزَارَهُمْ: उनके पापों और गुनाहों को।
- كَامِلَةً: पूर्ण रूप से, बिना किसी कमी के।
- يُضِلُّونَهُم: जिन्हें वे गुमराह करते हैं।
- بِغَيْرِ عِلْمٍ: बिना किसी प्रमाण या ज्ञान के (अर्थात अज्ञानता और अंधानुकरण के कारण)।
- سَاءَ مَا يَزِرُونَ: बहुत बुरा है वह बोझ जो वे उठा रहे हैं।
तफसीर:
यह आयत उन लोगों के अंजाम को बयान करती है जो दूसरों को इस्लाम के रास्ते से रोकते हैं और झूठे विचार फैलाते हैं। उनका यह कृत्य केवल दुनिया में ही नहीं रुकेगा, बल्कि क़ियामत के दिन उन्हें अपने पूरे पापों का बोझ उठाना होगा — उनमें से कोई भी पाप कम नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, वे उन लोगों के पापों का भी बोझ उठाएँगे जिन्हें उन्होंने गुमराह किया, बिना इसके कि उन गुमराह किए गए लोगों के पापों में कोई कमी हो। यह इसलिए है क्योंकि उन्होंने लोगों को अज्ञानता और बिना किसी प्रमाण के इस्लाम से दूर किया। आयत के अंत में अल्लाह तआला इस बोझ की भयावहता को स्पष्ट करते हुए कहता है: "सुन लो! बहुत बुरा है वह बोझ जो वे उठा रहे हैं।" यानी उनका यह कृत्य और उसका परिणाम अत्यंत घृणित और विनाशकारी है।
फ़ायदे:
- यह आयत हमें सिखाती है कि दूसरों को गुमराह करना या उन्हें सत्य के मार्ग से रोकना कितना बड़ा गुनाह है — इतना बड़ा कि गुमराह करने वाला क़ियामत के दिन अपने पापों के साथ-साथ उन लोगों के पापों का भी बोझ उठाएगा।
- यहाँ से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें हमेशा सत्य का प्रचार करना चाहिए और लोगों को अच्छाई की ओर बुलाना चाहिए, क्योंकि जो व्यक्ति किसी को सत्य का मार्ग दिखाता है, उसे उसके अच्छे कर्मों का भी उतना ही सवाब मिलता है।
- यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह का न्याय पूर्ण है — कोई भी पाप बिना हिसाब के नहीं छोड़ा जाएगा, और हर व्यक्ति को अपने कर्मों का पूरा फल मिलेगा।
- अंत में, यह हमें दुनिया के धोखे से सावधान करती है और आख़िरत की याद दिलाती है, ताकि हम अपने जीवन को अल्लाह की रज़ा के अनुसार बनाएँ और दूसरों को भी इसी ओर बुलाएँ।
📜 आयत 23-27 — अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 25
सूरा अन-नहल आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (उनको बकने दो ताकि क़यामत के दिन) अपने (गुनाहों) के…सूरा आयत 25/128 — अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नहल सुनें, अन-नहल अनुवाद, अन-नहल mp3, अन-नहल pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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