Wa qeela lillazeenat taqaw maazaaa anzala Rabbukum; qaaloo khairaa; lillazeena absanoo fee haazihid dunyaa hasanah; wa la Daarul Aakhirati khair; wa lani`ma daarul muttaqeen
📖 अनुवाद (हिंदी अर्थ)
📖 हिंदी अर्थ
और जब परहेज़गारों से पूछा जाता है कि तुम्हारे परवरदिगार ने क्या नाज़िल किया है तो बोल उठते हैं सब अच्छे से अच्छा जिन लोगों ने नेकी की उनके लिए इस दुनिया में (भी) भलाई (ही भलाई) है और आख़िरत का घर क्या उम्दा है
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اور (جب) پرہیزگاروں سے پوچھا جاتا ہے کہ تمہارے پروردگار نے کیا نازل کیا ہے۔ تو کہتے ہیں کہ بہترین (کلام) ۔ جو لوگ نیکوکار ہیں ان کے لیے اس دنیا میں بھلائی ہے۔ اور آخرت کا گھر تو بہت ہی اچھا ہے۔ اور پرہیز گاروں کا گھر بہت خوب ہے
اتَّقَوْا: अल्लाह से डरने वाले, जो उसके आदेशों का पालन करें और उसकी मनाही से बचें।
أَحْسَنُوا: जिन्होंने अच्छे कर्म किए, अल्लाह की इबादत को अच्छे ढंग से अदा किया और लोगों के साथ भलाई की।
حَسَنَةٌ: अच्छा बदला, भलाई, इज़्ज़त और सफलता।
دَارُ الْآخِرَةِ: आख़िरत का घर, यानी जन्नत।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब परहेज़गार और अल्लाह से डरने वाले मोमिनों से पूछा जाता है कि "तुम्हारे रब ने (अपने नबी पर) क्या उतारा है?" तो वे जवाब देते हैं: "उसने बड़ी भलाई और हिदायत उतारी है।" यानी क़ुरआन अपने साथ वह सब कुछ लाया है जो इंसान के लिए दुनिया और आख़िरत में बेहतरी का ज़रिया है।
फिर अल्लाह तआला फ़रमाता है: जिन लोगों ने दुनिया में नेकी की — यानी अल्लाह की इबादत को ख़ालिस करके अदा किया और उसके बंदों के साथ भलाई की — उनके लिए इस दुनिया में भी अच्छा बदला है, जैसे मदद, कामयाबी, रिज़्क़ में कुशादगी और दिल का सुकून। और आख़िरत का घर (जन्नत) उससे भी बेहतर और बड़ा है। क्योंकि दुनिया की भलाई फ़ानी है, जबकि आख़िरत की नेमतें हमेशा रहने वाली हैं। और वाक़ई परहेज़गारों का घर (जन्नत) कितना अच्छा घर है!
फ़ायदे (उपदेश):
अच्छे लोगों की पहचान यह है कि वे अल्लाह के कलाम (क़ुरआन) को भलाई और हिदायत का ज़रिया मानते हैं और उस पर अमल करते हैं।
नेकी का बदला सिर्फ़ आख़िरत में ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी अल्लाह देता है — जैसे दिल का सुकून, रिज़्क़ में बरकत और लोगों के दिलों में मुहब्बत।
आख़िरत की भलाई दुनिया की भलाई से कहीं बेहतर है, इसलिए अक़्लमंद वही है जो अपनी सारी कोशिशें आख़िरत की कामयाबी के लिए करे।
परहेज़गारी (अल्लाह से डरकर गुनाहों से बचना) ही असली कामयाबी का रास्ता है, और इसका अंजाम जन्नत है — जो सबसे अच्छा ठिकाना है।
और जब परहेज़गारों से पूछा जाता है कि तुम्हारे परवरदिगार ने क्या नाज़िल किया है तो बोल उठते हैं सब अच्छे से अच्छा जिन लोगों ने नेकी की उनके लिए इस दुनिया में (भी) भलाई (ही भलाई) है और आख़िरत का घर क्या उम्दा है
वह लोग हैं कि जब फरिश्ते उनकी रुह क़ब्ज़ करने लगते हैं (और) ये लोग (कुफ्र करके) आप अपने ऊपर सितम ढ़ाते रहे तो इताअत पर आमादा नज़र आते हैं और (कहते हैं कि) हम तो (अपने ख्याल में) कोई बुराई नहीं करते थे (तो फरिश्ते कहते हैं) हाँ जो कुछ तुम्हारी करतूते थी ख़ुदा उससे खूब अच्छी तरह वाक़िफ हैं
और जब परहेज़गारों से पूछा जाता है कि तुम्हारे परवरदिगार ने क्या नाज़िल किया है तो बोल उठते हैं सब अच्छे से अच्छा जिन लोगों ने नेकी की उनके लिए इस दुनिया में (भी) भलाई (ही भलाई) है और आख़िरत का घर क्या उम्दा है
सदा बहार (हरे भरे) बाग़ हैं जिनमें (वे तकल्लुफ) जा पहुँचेगें उनके नीचे नहरें जारी होंगी और ये लोग जो चाहेगें उनके लिए मुयय्या (मौजूद) है यूँ ख़ुदा परहेज़गारों (को उनके किए) की जज़ा अता फरमाता है
(ये) वह लोग हैं जिनकी रुहें फरिश्ते इस हालत में क़ब्ज़ करतें हैं कि वह (नजासते कुफ्र से) पाक व पाकीज़ा होते हैं तो फरिश्ते उनसे (निहायत तपाक से) कहते है सलामुन अलैकुम जो नेकियाँ दुनिया में तुम करते थे उसके सिले में जन्नत में (बेतकल्लुफ) चले जाओ
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