Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَوَلَّوْا: मुँह मोड़ लें, ईमान लाने से इन्कार कर दें।
- الْبَلَاغُ الْمُبِينُ: स्पष्ट और खुला संदेश पहुँचाना, जिसमें कोई अस्पष्टता या छिपाव न हो।
व्याख्या:
ऐ न रसूल! यदि ये लोग आपके द्वारा लाए गए स्पष्ट प्रमाणों और आयतों को देखने के बाद भी ईमान लाने से मुँह मोड़ लें और आपकी बात स्वीकार करने से इन्कार कर दें, तो आपको किसी प्रकार का दुःख या पश्चाताप नहीं करना चाहिए। आपका काम केवल यह है कि आप अल्लाह का संदेश उन तक स्पष्ट रूप से पहुँचा दें, जिसमें कोई अस्पष्टता न हो। आपने यह काम पूरी तरह से कर दिया है। उन्हें हिदायत देने की ज़िम्मेदारी आप पर नहीं है, बल्कि हिदायत देना केवल अल्लाह के हाथ में है। वही जिसे चाहता है, अपनी कृपा से हिदायत देता है। इसलिए आपको केवल संदेश पहुँचाने का कर्तव्य निभाना है, और उनके मुँह मोड़ने से आप पर कोई दोष या पकड़ नहीं है।
शिक्षाएँ और लाभ:
- इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि दीन के प्रचार-प्रसार का काम बहुत स्पष्ट और सरल होना चाहिए, बिना किसी जटिलता के। हमारा कर्तव्य केवल संदेश पहुँचाना है, परिणाम अल्लाह के हाथ में है।
- एक दावत देने वाले को कभी निराश नहीं होना चाहिए, चाहे लोग कितना भी मुँह मोड़ लें। उसका इनाम अल्लाह के पास सुरक्षित है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि हमें अपने कर्तव्य का पालन पूरी ईमानदारी और स्पष्टता से करना चाहिए, और परिणाम की चिंता अल्लाह पर छोड़ देनी चाहिए। यही एक सच्चे मुसलमान की पहचान है।
- इस आयत से यह भी पता चलता है कि हिदायत पाना या न पाना अल्लाह के हाथ में है, इसलिए हमें लोगों के ईमान लाने या न लाने पर अपनी खुशी या दुःख को आधारित नहीं बनाना चाहिए, बल्कि अपने फ़र्ज़ को अदा करने पर ध्यान देना चाहिए।
📜 आयत 80-84 — सूरा अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 82
सूरा अन-नहल आयत 82 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तुम उसकी फरमाबरदारी करो उस पर भी अगर ये लोग…सूरा आयत 82/128 — सूरा अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नहल सुनें, सूरा अन-नहल अनुवाद, सूरा अन-नहल mp3, सूरा अन-नहल pdf. आयत 80–84. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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