Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
मूसा (अलैहिस्सलाम) ने फ़िरऔन को जवाब देते हुए कहा: “तूने तो अच्छी तरह जान लिया है कि ये निशानियाँ (जो मैंने तुझे दिखाई हैं) उन्हें आसमानों और ज़मीन के रब के अलावा किसी और ने नाज़िल नहीं किया। ये निशानियाँ खुली हुई दलीलें और रोशन सबूत हैं, जो मेरी सच्चाई पर गवाह हैं। और ऐ फ़िरऔन! मैं तो यक़ीन के साथ समझता हूँ कि तू बर्बाद होने वाला है और तुझ पर लानत पड़ने वाली है।”
शब्दों के अर्थ:
- बसाइर (بَصَائِر): यह ‘बसीरत’ का बहुवचन है, जिसका अर्थ है दिल की आँखें, रोशन दलीलें, वो निशानियाँ जो सच्चाई को साफ़ साफ़ ज़ाहिर कर दें।
- मस्बूर (مَثْبُور): इसका अर्थ है हलाक होने वाला, लानत का मारा हुआ, बर्बाद और मग़लूब (हारा हुआ)।
तफ़सीर:
यह वो मौक़ा है जब मूसा (अलैहिस्सलाम) ने फ़िरऔन के सामने वो नौ बड़ी निशानियाँ पेश कीं — जैसे लाठी का अजदहा बनना, हाथ का चमकना, तूफ़ान, टिड्डियाँ, जूँ, मेंढक, ख़ून, सूखा और फलों की कमी। फ़िरऔन ने जब इन्हें जादू कहकर झुठलाने की कोशिश की, तो मूसा (अलैहिस्सलाम) ने उसे दृढ़ता से जवाब दिया।
मूसा (अलैहिस्सलाम) का कहना था: “ऐ फ़िरऔन! तू ख़ुद अच्छी तरह जानता है कि ये निशानियाँ किसी इंसान का जादू नहीं हैं, बल्कि ये आसमानों और ज़मीन के पालनहार की तरफ़ से आई हैं। तेरा दिल इनकी सच्चाई को जानता है, लेकिन तू ज़िद और सरकशी की वजह से इन्हें मानने से इनकार कर रहा है। ये निशानियाँ उन लोगों के लिए रोशनी हैं जो दिल की आँखों से देखते हैं और सच्चाई को पहचानते हैं।”
फिर मूसा (अलैहिस्सलाम) ने उसे आगाह किया: “और ऐ फ़िरऔन! मैं तो यक़ीन के साथ समझता हूँ कि तू हलाक होने वाला है। तेरा अंजाम बर्बादी और रुसवाई है, क्योंकि तूने हक़ का मुक़ाबला किया और अल्लाह की निशानियों को झुठलाया।”
इस आयत में मूसा (अलैहिस्सलाम) का अंदाज़ देखिए — वो सच्चाई पर इतने पक्के हैं कि बिना किसी डर के फ़िरऔन जैसे ज़ालिम बादशाह को साफ़ साफ़ बता देते हैं कि उसका अंजाम क्या होगा। यह हमारे लिए सबक़ है कि हक़ बोलने में हिम्मत रखनी चाहिए, चाहे सामने कितना ही बड़ा ज़ालिम क्यों न हो।
और यह भी याद रखिए — अल्लाह की निशानियाँ सिर्फ़ उन्हीं को नसीब होती हैं जो दिल की आँखों से देखते हैं। जो लोग हक़ को जानकर भी ज़िद करते हैं, उनका अंजाम फ़िरऔन जैसा ही होता है। लेकिन जो लोग अल्लाह की तरफ़ रुजू करते हैं और उसकी निशानियों से सबक़ लेते हैं, उनके लिए हिदायत और कामयाबी है। अल्लाह हमें हक़ को पहचानने और उस पर साबित क़दम रहने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 100-104 — सूरा अल-इसरा
अनुवाद — अल-इसरा 102
सूरा अल-इसरा आयत 102 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मूसा ने कहा तुम ये ज़रुर जानते हो कि ये…सूरा आयत 102/111 — सूरा अल-इसरा الإسراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-इसरा सुनें, सूरा अल-इसरा अनुवाद, सूरा अल-इसरा mp3, सूरा अल-इसरा pdf. आयत 100–104. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


