अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ذُرِّيَّةَ: संतान, वंशज।
- مَنْ حَمَلْنَا: जिन्हें हमने (नौका पर) सवार किया।
- مَعَ نُوحٍ: नूह (अलैहिस्सलाम) के साथ।
- شَكُورًا: बहुत अधिक शुक्र अदा करने वाला।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में बनी इस्राईल को सम्बोधित करते हुए उन्हें उनके पूर्वजों की याद दिलाते हैं, और साथ ही सभी इंसानों को नसीहत देते हैं। अल्लाह फरमाता है: "ऐ उन लोगों की संतानो, जिन्हें हमने नूह (अलैहिस्सलाम) के साथ नौका में सवार करके बचा लिया था!" यानी जब तूफान आया और सब कुछ डूब गया, तो हमने नूह (अलैहिस्सलाम) और उनके साथियों को नौका में सवार करके बचा लिया। तुम सब उन्हीं की नस्ल से हो, इसलिए यह अल्लाह की बहुत बड़ी मेहरबानी है कि उसने तुम्हारे पूर्वजों को बचाकर तुम्हें ज़िन्दगी दी।
फिर अल्लाह उन्हें नसीहत करता है कि इस नेमत को याद करो और अल्लाह की इबादत में किसी को शरीक न करो। केवल उसी की इबादत करो और उसके आगे झुको। और नूह (अलैहिस्सलाम) की तरह शुक्रगुज़ार बनो, क्योंकि वे अल्लाह के बहुत शुक्र अदा करने वाले बंदे थे। वे अपने दिल से, अपनी ज़ुबान से और अपने अंगों से अल्लाह का शुक्र अदा करते थे। उन्होंने अल्लाह की इबादत में कोई कमी नहीं की और हर हाल में अल्लाह के शुक्रगुज़ार रहे।
इस आयत में अल्लाह ने नूह (अलैहिस्सलाम) की तारीफ़ करते हुए उन्हें "शकूर" (बहुत शुक्र करने वाला) कहा, ताकि लोग उनकी पैरवी करें और अल्लाह के शुक्रगुज़ार बनें। यह भी बताया गया है कि जो लोग अल्लाह के शुक्रगुज़ार होते हैं, अल्लाह उन्हें और नेमतें देता है और उनकी तारीफ़ करता है।
फायदे और सबक:
- अल्लाह की नेमतों को याद करना और उन पर शुक्र अदा करना इंसान का सबसे बड़ा कर्तव्य है, क्योंकि नेमत की याद दिलाने से इंसान का दिल अल्लाह की मोहब्बत से भर जाता है।
- नूह (अलैहिस्सलाम) की तरह हर हाल में अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए — दिल से, ज़ुबान से और अमल से।
- अल्लाह उन लोगों की मदद करता है जो उसके शुक्रगुज़ार होते हैं, और उन्हें मुसीबतों से बचाता है, जैसे उसने नूह (अलैहिस्सलाम) और उनके साथियों को तूफान से बचाया।
- शुक्र अदा करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि अल्लाह की इबादत में किसी को शरीक न किया जाए और उसके हुक्मों पर अमल किया जाए।
- यह आयत हमें सिखाती है कि अच्छे लोगों की संतान को चाहिए कि वे अपने बुज़ुर्गों के नेक रास्ते पर चलें, क्योंकि यही उनकी असली पहचान है।
📜 आयत 1-5 — अल-इसरा
अनुवाद — अल-इसरा 3
सूरा अल-इसरा आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मेरे सिवा किसी को अपना कारसाज़ न बनाना बेशक नूह…सूरा आयत 3/111 — अल-इसरा الإسراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-इसरा सुनें, अल-इसरा अनुवाद, अल-इसरा mp3, अल-इसरा pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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