अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- عَرَضْنَا (हम पेश करेंगे): दिखाना, सामने लाना, प्रस्तुत करना।
- جَهَنَّمَ (जहन्नम): नरक, दोज़ख़।
- يَوْمَئِذٍ (उस दिन): क़ियामत के दिन।
- لِلْكَافِرِينَ (काफ़िरों के लिए): जिन्होंने अल्लाह और उसके रसूल को नकारा।
- عَرْضًا (पेश करना): स्पष्ट रूप से दिखाना, बिल्कुल सामने लाना।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि क़ियामत के दिन हम जहन्नम को काफ़िरों के सामने इस तरह पेश करेंगे कि वे उसे अपनी आँखों से साफ़ देख लेंगे। यह पेश करना कोई छिपा हुआ या अस्पष्ट नहीं होगा, बल्कि बिल्कुल ज़ाहिर और साफ़ होगा, ताकि उन्हें अपने किए की सज़ा का अंदाज़ा हो जाए और उनके लिए कोई बहाना न बचे।
यह वह दिन होगा जब हर इंसान अपने अमल का नतीजा देखेगा। काफ़िरों के लिए यह मंज़र बेहद खौफ़नाक होगा, क्योंकि वे जहन्नम को अपनी आँखों से देखेंगे और समझ जाएँगे कि यही उनका ठिकाना है। यह अल्लाह की तरफ से एक तरह का इंतिहान और डरावना इशारा होगा, ताकि वे अपनी ग़लती का एहसास करें, लेकिन उस वक़्त पछतावा किसी काम न आएगा।
यह आयत हम मुसलमानों के लिए एक बड़ी नसीहत है। अल्लाह ने हम पर अपनी रहमत से इस दुनिया में ईमान और नेक अमल की तौफ़ीक़ दी है। हमें चाहिए कि हम उस दिन से पहले अपनी ज़िंदगी को सुधार लें, अल्लाह की इबादत करें, उसके हुक्मों को मानें और उसकी नाफ़रमानी से बचें। जो लोग अल्लाह पर ईमान लाए और नेक अमल करते रहे, उनके लिए उस दिन खुशख़बरी है, जबकि काफ़िरों के लिए यही मंज़र अज़ाब का ज़रिया बनेगा।
अल्लाह हमें उस दिन के खौफ़ से बचाए और हमें सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 98-102 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 100
सूरा अल-कहफ आयत 100 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उसी दिन जहन्नुम को उन काफिरों के सामने खुल्लम…सूरा आयत 100/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 98–102. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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