अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- صَعِيدًا (स'ईदन): चिकनी और समतल भूमि, जिस पर कुछ भी न उगता हो।
- جُرُزًا (जुरुज़न): सूखी, कठोर और बंजर ज़मीन जिसमें कोई वनस्पति न हो।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में हमें दुनिया की अस्थायी ज़िंदगी की हक़ीक़त से आगाह कर रहे हैं। जिस धरती पर आज हरियाली है, खेत-खलिहान लहलहा रहे हैं, बाग़ात और नहरें हैं, वही ज़मीन एक दिन ऐसी बंजर और सुनसान हो जाएगी कि उस पर न कोई पेड़-पौधा होगा और न कोई जीव-जंतु। यह दुनिया की सारी रौनक़ें और सजावटें — महल, बाग़, दौलत, औलाद — सब कुछ मिट्टी में मिल जाएगा और वह सब कुछ एक चिकनी, सूखी और बेकार ज़मीन में तब्दील हो जाएगा।
यह बात हमें सिर्फ़ क़यामत के दिन की याद दिलाने के लिए नहीं कही गई, बल्कि इसका मक़सद यह है कि हम इस दुनिया की चमक-दमक पर मोहित न हों और इसे ही अपना सब कुछ न समझ लें। जिस तरह यह ज़मीन आज हरी-भरी है और कल बंजर हो जाएगी, उसी तरह यह पूरी दुनिया एक दिन ख़त्म होने वाली है। इसलिए अक़्लमंद इंसान वही है जो इस फ़ानी दुनिया को आख़िरत की खेती के लिए इस्तेमाल करे, न कि सिर्फ़ खेल-तमाशे और लज़्ज़तों में डूबा रहे।
यह आयत हमें सब्र और अमल की तरफ़ राह दिखाती है। जब हम जानते हैं कि यह दुनिया एक दिन ख़त्म हो जाएगी, तो हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत, नेक कामों और दूसरों की भलाई में गुज़ारें। यही वह चीज़ है जो हमारे काम आएगी जब यह सारी दुनिया बंजर हो जाएगी और हम अपने रब के सामने खड़े होंगे। अल्लाह तआला हमें दुनिया की मोहब्बत में आख़िरत को भूलने से बचाए और हमें सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 6-10 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 8
सूरा अल-कहफ आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (फिर) हम एक न एक दिन जो कुछ भी…सूरा आयत 8/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








