Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُبْدِلَهُمَا: उन दोनों (माता-पिता) को बदल कर दे।
- زَكَاةً: पवित्रता, अच्छाई और नेकी।
- رُحْمًا: रहम, दया और शफ़क़त (माता-पिता के प्रति प्रेम और करुणा)।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में ख़िज़्र (अलैहिस्सलाम) उस बच्चे के क़त्ल के पीछे की हिकमत बयान कर रहे हैं जिसे उन्होंने मारा था। वे फ़रमाते हैं कि हमने यह काम अपनी मर्ज़ी से नहीं किया, बल्कि अल्लाह तआला की तरफ़ से यह हुक्म था। हमारी मंशा यह थी कि अल्लाह उन माँ-बाप को उस नाफ़रमान और सरकश बच्चे के बदले में एक ऐसी औलाद अता फ़रमाए जो उनके लिए ज़रिया-ए-राहत हो — जो पाक-दामन, नेक, परहेज़गार और दीन-दार हो, और जो अपने माँ-बाप के साथ पूरी रहमत, शफ़क़त और नेक सलूक करे। यानी अल्लाह तआला ने उन्हें एक बेहतर और प्यारा बच्चा अता किया, जो उनके लिए दुनिया और आख़िरत दोनों में बेहतर साबित हुआ।
यहाँ से हमें यह सबक़ मिलता है कि अल्लाह तआला जब किसी बंदे से कोई चीज़ छीनता है, तो उसके बदले में उसे उससे बेहतर चीज़ अता कर सकता है। इंसान को चाहिए कि वह अल्लाह के फ़ैसले पर भरोसा रखे और यक़ीन रखे कि अल्लाह जो करता है, बंदे की भलाई के लिए ही करता है। मुसीबत और आज़माइश के वक़्त सब्र और रज़ा-ब-रज़ा (अल्लाह की रज़ा पर राज़ी रहना) इंसान को अल्लाह की मुहब्बत और उसकी रहमत के क़रीब लाता है। यह भी याद रखें कि अल्लाह तआला अपने नेक बंदों को कभी निराश नहीं करता — वह हर दर्द का इलाज, हर ग़म की ख़ुशी और हर तंगी के बाद आसानी अता फ़रमाता है।
📜 आयत 79-83 — सूरा अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 81
सूरा अल-कहफ आयत 81 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो हमने चाहा कि (हम उसको मार डाले और) उनका…सूरा आयत 81/110 — सूरा अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-कहफ सुनें, सूरा अल-कहफ अनुवाद, सूरा अल-कहफ mp3, सूरा अल-कहफ pdf. आयत 79–83. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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