Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قَرْنٍ (क़र्न): उम्मत, समुदाय या युग के लोग।
- تُحِسُّ (तुहिस्सु): तुम महसूस करते हो, देखते हो या पहचानते हो।
- رِكْزًا (रिक्ज़न): हल्की आवाज़, धीमी आहट, या कोई भी आवाज़।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! हमने आपकी क़ौम से पहले कितनी ही उम्मतों को हलाक (नष्ट) कर दिया। वे अपनी ताक़त, अपनी आबादी और अपनी तमद्दुन (सभ्यता) पर इतराती थीं, लेकिन जब उन्होंने हमारे पैग़म्बरों को झुठलाया और हक़ (सत्य) को क़बूल करने से इनकार किया, तो हमारा अज़ाब (प्रकोप) उन पर आ पड़ा। आज आप उनमें से किसी एक को भी देख सकते हैं? या उनकी कोई हल्की सी आवाज़ भी सुन सकते हैं? नहीं! वे सब मिट गए, उनके नाम तक मिट गए, उनके घर उजड़ गए, और उनका कोई निशान बाक़ी न रहा।
यह एक बड़ी सीख और चेतावनी है। जिस तरह अल्लाह ने पहले की उम्मतों को उनके कुफ़्र और सरकशी (अवज्ञा) की वजह से तबाह किया, उसी तरह वह इन मक्का के काफ़िरों को भी तबाह कर सकता है। अल्लाह की क़ुदरत (शक्ति) के आगे कोई नहीं ठहर सकता। यह आयत उन लोगों के लिए एक सख़्त तनबीह (चेतावनी) है जो हक़ को नकारते हैं और नबी की दावत को झुठलाते हैं।
लेकिन इसी के साथ इसमें रहमत (दया) का पैग़ाम भी है कि अल्लाह ने अपने रसूल को यह बताकर तसल्ली दी कि ये मुख़ालिफ़ीन (विरोधी) कितने भी ताक़तवर क्यों न हों, उनका अंजाम वही होगा जो पहले के ज़ालिमों का हुआ। अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) कभी नहीं बदलती। जो लोग अल्लाह की नाफ़रमानी करते हैं और उसके रसूलों को झुठलाते हैं, वे कभी बच नहीं सकते।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि हमें अपनी ज़िंदगी में अल्लाह के हुक्मों की पैरवी करनी चाहिए और उसकी रहमत के तले पनाह लेनी चाहिए। अल्लाह बड़ा मेहरबान है, वह तौबा करने वालों को माफ़ कर देता है, लेकिन उसका अज़ाब भी बहुत सख़्त है। हमें चाहिए कि हम अपने गुनाहों से तौबा करें, अपने नबी की सुन्नत पर चलें, और अल्लाह की रहमत के दामन को थामे रहें। यही कामयाबी की राह है।
📜 आयत 96-98 — सूरा मरियम
अनुवाद — मरियम 98
सूरा मरियम आयत 98 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने उनसे पहले कितनी जमाअतों को हलाक कर डाला…सूरा आयत 98/98 — सूरा मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मरियम सुनें, सूरा मरियम अनुवाद, सूरा मरियम mp3, सूरा मरियम pdf. आयत 96–98. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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