Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَابُوا: तौबा की, पश्चाताप किया, गुनाहों से बाज़ आए।
- وَأَصْلَحُوا: अपने कर्मों को सुधारा, अपनी स्थिति को दुरुस्त किया।
- وَبَيَّنُوا: जो छिपाया था उसे प्रकट किया, सच्चाई को स्पष्ट किया।
- أَتُوبُ عَلَيْهِمْ: मैं उनकी तौबा क़बूल करता हूँ, उन पर अपनी रहमत से लौटता हूँ।
- التَّوَّابُ: बहुत अधिक तौबा क़बूल करने वाला।
- الرَّحِيمُ: बहुत दयालु, असीम रहमत वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने बंदों पर अपनी असीम रहमत और मेहरबानी का दरवाज़ा खोलते हुए फ़रमाता है कि जिन लोगों ने हक़ को छिपाया, गुमराही फैलाई और अपने कुकर्मों से लोगों को रास्ते से भटकाया, उनके लिए भी माफ़ी की राह मौजूद है—बशर्ते वे तीन शर्तें पूरी करें:
पहली शर्त: वे सच्चे दिल से तौबा करें, यानी अपने किए पर पछताएँ, अल्लाह से माफ़ी माँगें और गुनाहों को छोड़ दें। तौबा सिर्फ़ ज़ुबान से नहीं, बल्कि दिल की गहराई से होनी चाहिए।
दूसरी शर्त: वे अपने अंदर सुधार लाएँ, अपने आचरण को दुरुस्त करें, अच्छे कर्म करें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ ढालें। सिर्फ़ तौबा करके फिर वही गलतियाँ दोहराना सही नहीं है।
तीसरी शर्त: वे उस हक़ को, जिसे उन्होंने छिपाया था, लोगों के सामने स्पष्ट कर दें। यानी जो सच्चाई, जो इल्म, जो हिदायत उन्होंने दबा रखी थी, उसे अब खुलकर बयान करें, ताकि लोगों तक सही पैग़ाम पहुँचे और उनकी गुमराही दूर हो।
फिर अल्लाह फ़रमाता है: "ऐसे लोगों की तौबा मैं क़बूल करता हूँ।" यह अल्लाह की बहुत बड़ी फज़ल है कि वह गुनाहगारों को माफ़ करने के लिए खुद पेशकश करता है और उन्हें उम्मीद देता है। अल्लाह ने अपनी दो खूबियाँ बयान कीं: वह "तव्वाब" है यानी बार-बार तौबा क़बूल करने वाला, और "रहीम" है यानी अपने बंदों पर बेहद दयालु और मेहरबान है।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की रहमत कितनी वसीअ है! कोई भी गुनाह इतना बड़ा नहीं कि अल्लाह की माफ़ी से महरूम रह जाए। चाहे इंसान ने कितनी ही बड़ी गलती की हो, जब तक वह सच्चे दिल से लौटता है, अल्लाह उसे गले लगाता है। यह हमारे लिए सबसे बड़ी खुशखबरी है कि हमारा रब रहीम है, मेहरबान है। वह हमारी तौबा का इंतज़ार करता है, हमें माफ़ करने के लिए बेताब है। तो आओ, हम सब अपने गुनाहों से तौबा करें, अपने अंदर सुधार लाएँ, और जो हक़ हम जानते हैं उसे दूसरों तक पहुँचाएँ। अल्लाह की रहमत के दरवाज़े कभी बंद नहीं होते—जब तक साँसें बाकी हैं, तौबा की गुंजाइश है।
📜 आयत 158-162 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 160
सूरा अल-बकरा आयत 160 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मगर जिन लोगों ने (हक़ छिपाने से) तौबा की और…सूरा आयत 160/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 158–162. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


