Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَعْنَةُ: रहमत से दूर करना, अभिशाप, फटकार।
- كَفَرُوا: ईमान न लाना, सत्य को छिपाना, इनकार करना।
- مَاتُوا وَهُمْ كُفَّارٌ: कुफ्र की हालत में मरना, यानी बिना तौबा किए मर जाना।
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों के बारे में है जिन्होंने सत्य को जानते हुए भी उसे छिपाया और इनकार किया, और इसी हालत में — बिना तौबा किए — उनकी मौत आ गई। ऐसे लोगों के लिए अल्लाह की ओर से, फ़रिश्तों की ओर से और सभी इंसानों की ओर से लानत (अभिशाप) है। इसका मतलब यह है कि उन्हें अल्लाह की रहमत से पूरी तरह दूर कर दिया जाएगा, और सारा जहान उन पर फटकार और नाराज़गी का इज़हार करेगा। क़यामत के दिन अल्लाह उन्हें अपनी रहमत से महरूम करेगा, फिर फ़रिश्ते उन पर लानत भेजेंगे, और फिर सारे इंसान — यहाँ तक कि ज़ालिम भी दूसरे ज़ालिमों पर लानत भेजेंगे। ग़ौरतलब है कि जो ज़ालिम ख़ुद भी ज़ालिम है, वह जब दूसरे ज़ालिम पर लानत भेजता है, तो असल में वह अपने आप पर ही लानत भेजता है। यह लानत उन लोगों के लिए है जो कुफ्र पर ज़िद करते रहे और तौबा किए बिना मर गए।
फ़ायदे (सीख):
- यह आयत हमें सिखाती है कि सत्य को छिपाना और जानबूझकर इनकार करना बहुत बड़ा गुनाह है, और इस पर मौत आने से पहले तौबा करना ज़रूरी है।
- अल्लाह की रहमत का दरवाज़ा तौबा तक खुला है, लेकिन मौत के बाद कोई मौका नहीं मिलता। इसलिए हमें हर पल अपने अमल को सुधारना चाहिए।
- यह आयत हमें अल्लाह की पकड़ से डराती है और बताती है कि कुफ्र और ज़ुल्म का अंजाम बहुत भयानक है — यहाँ तक कि पूरी कायनात उन पर नाराज़ होती है।
- इससे हमें यह भी सीख मिलती है कि हमें अपने जीवन को ईमान और नेक अमल पर बिताना चाहिए, ताकि हम अल्लाह की रहमत और फ़रिश्तों की दुआओं के हक़दार बनें, न कि उनकी लानत के।
📜 आयत 159-163 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 161
सूरा अल-बकरा आयत 161 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक जिन लोगों नें कुफ्र एख्तेयार किया और कुफ़्र ही…सूरा आयत 161/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 159–163. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


