अनुवाद — Tafsir
يَا أَيُّهَا النَّاسُ اعْبُدُوا رَبَّكُمُ الَّذِي خَلَقَكُمْ وَالَّذِينَ مِن قَبْلِكُمْ لَعَلَّكُمْ تَتَّقُونَ
शब्दों के अर्थ:
- اعْبُدُوا: अल्लाह की इबादत करो, उसे अकेला मानो और उसके आदेशों का पालन करो।
- خَلَقَكُمْ: तुम्हें पैदा किया, अस्तित्व में लाया।
- لَعَلَّكُمْ تَتَّقُونَ: ताकि तुम परहेज़गार बनो, यानी अल्लाह के अज़ाब से बचने के लिए उसके हुक्मों पर अमल करो और उसकी मना की हुई चीज़ों से बचो।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला सभी इंसानों को संबोधित करते हुए कहता है: "ऐ लोगो! अपने रब की इबादत करो", यानी उसे अकेला मानो, उसके सिवा किसी और की पूजा मत करो। यह आदेश इसलिए है कि वही तुम्हारा रब है जिसने तुम्हें पैदा किया और तुमसे पहले की उम्मतों को भी पैदा किया। उसने तुम्हें अस्तित्व दिया, तुम्हारी देखभाल की और तुम पर अपनी नेमतें बरसाईं। इसलिए उसकी इबादत करना तुम्हारा सबसे बड़ा कर्तव्य है।
यह आदेश सिर्फ़ किसी एक समुदाय के लिए नहीं, बल्कि सभी इंसानों के लिए है — चाहे वे मक्का के हों या मदीना के, चाहे वे अरब हों या ग़ैर-अरब। हालाँकि जो लोग अभी बालिग़ नहीं हुए या पागल हैं, वे इस ख़िताब के दायरे में नहीं आते, लेकिन असल मक़सद हर समझदार इंसान को इबादत की तरफ़ बुलाना है।
"लَعَلَّكُمْ تَتَّقُونَ" का मतलब यह है कि इबादत करने से तुम परहेज़गार बनोगे — यानी तुम अल्लाह के अज़ाब से बचने का ज़रिया अपनाओगे। जब इंसान अल्लाह की इबादत करता है, उसके आदेशों का पालन करता है और उसकी मना की हुई चीज़ों से दूर रहता है, तो वह धीरे-धीरे तक़वा (परहेज़गारी) हासिल कर लेता है। यही तक़वा उसे दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी देता है।
फ़ायदे:
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की इबादत ही हमारे जीवन का असली मक़सद है, और यही हमें उसकी रहमत के क़रीब लाती है।
- अल्लाह ने हमें और हमसे पहले की उम्मतों को पैदा करके अपनी क़ुदरत और रहमत का सबूत दिया है — यह सोचने से दिल में अल्लाह की अज़मत का एहसास पैदा होता है और इबादत की तरफ़ रग़बत बढ़ती है।
- इबादत सिर्फ़ नमाज़ और रोज़ा नहीं, बल्कि हर अच्छा काम और हर बुराई से बचना भी इबादत है। यह आयत हमें पूरी ज़िंदगी को अल्लाह की इताअत के रंग में रंगने की तरग़ीब देती है।
- तक़वा (परहेज़गारी) हासिल करना हर मुसलमान का निशाना होना चाहिए, क्योंकि यही वह चीज़ है जो हमें अल्लाह के अज़ाब से बचाती है और उसकी मुहब्बत का ज़रिया बनती है।
📜 आयत 19-23 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 21
सूरा अल-बकरा आयत 21 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ लोगों अपने परवरदिगार की इबादत करो जिसने तुमको और…सूरा आयत 21/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 19–23. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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