अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- عَلَّمَ: सिखाया, शिक्षा दी।
- الْأَسْمَاءَ: नाम (सभी चीज़ों के नाम)।
- عَرَضَهُمْ: उन्हें प्रस्तुत किया (यहाँ 'हम' का प्रयोग मुक़ाबले के लिए है, अर्थात मुसम्मियात यानी नाम वाली चीज़ों को)।
- أَنبِئُونِي: मुझे बताओ, सूचित करो।
- صَادِقِينَ: सच्चे हो (अपने उस दावे में)।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने आदम (अलैहिस्सलाम) की गरिमा और सम्मान को स्पष्ट करने के लिए उन्हें सभी चीज़ों के नाम सिखाए — चाहे वे जानवर हों, निर्जीव वस्तुएँ हों या अन्य कोई चीज़ें — उनके शब्द और उनके अर्थ सहित। फिर अल्लाह ने उन नामों वाली चीज़ों (मुसम्मियात) को फ़रिश्तों के सामने प्रस्तुत किया और उनसे कहा: "अगर तुम सच्चे हो (अपने उस कथन में जो तुमने कहा था कि हम आदम से बेहतर हैं और हमें ख़िलाफ़त का अधिकार है), तो मुझे इन चीज़ों के नाम बताओ।" यह एक चुनौती और परीक्षा थी, जिससे फ़रिश्तों की सीमित जानकारी और आदम (अलैहिस्सलाम) की विशेष श्रेष्ठता स्पष्ट हो जाए। फ़रिश्ते इसका उत्तर न दे सके, क्योंकि अल्लाह ने उन्हें यह ज्ञान नहीं दिया था, जबकि आदम को यह विशेष ज्ञान प्रदान किया गया था।
फ़ायदे (लाभ):
- इस आयत से मालूम होता है कि इंसान की असली श्रेष्ठता उसके ज्ञान और अमल में है, न कि सिर्फ़ नस्ल या रूप-रंग में। अल्लाह ने आदम को ज्ञान देकर फ़रिश्तों पर बढ़ाई दी, जो इंसान की तालीम (शिक्षा) की अहमियत को दर्शाता है।
- यहाँ से यह सबक मिलता है कि इंसान को चाहिए कि वह ज्ञान हासिल करे और उस पर अमल करे, क्योंकि ज्ञान ही वह चीज़ है जो इंसान को ऊँचा उठाती है।
- अल्लाह की क़ुदरत और हिकमत का इज़हार होता है कि उसने इंसान को तालीम देकर उसे ख़िलाफ़त के काबिल बनाया, और यह भी पता चलता है कि अल्लाह अपने बंदों को उनकी हैसियत के मुताबिक ज्ञान देता है।
- इस आयत में फ़रिश्तों की अदब और इंसाफ़ी भी दिखती है कि जब उन्हें अपनी कमी का एहसास हुआ, तो उन्होंने अल्लाह की तारीफ़ की और तौबा की, जो हमारे लिए नमूना है कि हमें अपनी ग़लतियों पर अफ़सोस करना चाहिए और अल्लाह की तरफ़ रुजू करना चाहिए।
📜 आयत 29-33 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 31
सूरा अल-बकरा आयत 31 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (आदम की हक़ीक़म ज़ाहिर करने की ग़रज़ से) आदम…सूरा आयत 31/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 29–33. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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