अल-बकरा · 49/286
अनुवाद उच्चारण — अल-बकरा
وَإِذۡ نَجَّيۡنَٰكُم مِّنۡ ءَالِ فِرۡعَوۡنَ يَسُومُونَكُمۡ سُوٓءَ ٱلۡعَذَابِ يُذَبِّحُونَ أَبۡنَآءَكُمۡ وَيَسۡتَحۡيُونَ نِسَآءَكُمۡۚ وَفِي ذَٰلِكُم بَلَآءٌ مِّن رَّبِّكُمۡ عَظِيمٌ  ۝٤٩
Wa iz najjainaakum min Aali Fir`awna yasoomoonakum sooo`al azaabi yuzabbihoona abuaaa`akum wa yastahyoona nisaaa`akum; wa fee zaalikum balaaa`um mir Rabbikum `azeem
📖 हिंदी अर्थ
और (उस वक्त क़ो याद करो) जब हमने तुम्हें (तुम्हारे बुर्ज़गो को) फिरऔन (के पन्जे) से छुड़ाया जो तुम्हें बड़े-बड़े दुख दे के सताते थे तुम्हारे लड़कों पर छुरी फेरते थे और तुम्हारी औरतों को (अपनी ख़िदमत के लिए) ज़िन्दा रहने देते थे और उसमें तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से (तुम्हारे सब्र की) सख्त आज़माइश थी
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • नज्जैनाकुम (नजात देना): हमने तुम्हें मुक्त किया, छुड़ाया।
  • आल-ए-फ़िरऔन: फ़िरऔन के लोग, उसके साथी और उसके अनुयायी।
  • यसूमूनकुम: वे तुम्हें चखाते थे, तुम्हें पीड़ा पहुँचाते थे।
  • सूअल-अज़ाब: सबसे बुरी और सबसे कठोर यातना।
  • युज़ब्बिहून: वे ज़िब्ह करते थे (गला काटकर हत्या करते थे)।
  • अब्नाअकुम: तुम्हारे बेटे।
  • यस्तहयून: वे जीवित छोड़ देते थे (उन्हें मारते नहीं थे)।
  • निसाअकुम: तुम्हारी औरतें (बेटियाँ)।
  • बलाअ: परीक्षा, आज़माइश (यहाँ यह नेमत और अज़ाब दोनों के अर्थ में आ सकता है)।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ बनी इसराईल! उस वक़्त को याद करो जब हमने तुम्हें फ़िरऔन और उसके साथियों के चंगुल से नजात दी। वे लोग तुम्हें सबसे बुरी और सख्त यातनाएँ देते थे। उनका तरीक़ा यह था कि तुम्हारे बेटों को पैदा होते ही ज़िब्ह कर देते थे ताकि तुम्हारी नस्ल ही ख़त्म हो जाए, और तुम्हारी बेटियों को ज़िंदा छोड़ देते थे ताकि वे उनकी ख़िदमत करें और उनका अपमान सहें। यह सब कुछ तुम्हें रुसवा करने और तुम्हारी इज़्ज़त को मिट्टी में मिलाने के लिए किया जाता था।

इस आज़माइश में तुम्हारे लिए तुम्हारे रब की तरफ से एक बड़ी परीक्षा थी। यह परीक्षा इसलिए थी कि तुम सब्र और शुक्र के साथ अल्लाह की राह पर क़ायम रहो। और जब हमने तुम्हें उनके ज़ुल्म से नजात दी, तो यह भी तुम्हारे लिए एक अज़ीम नेमत थी, जिसका शुक्रिया अदा करना तुम्हारा फ़र्ज़ था।


दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):

इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि अल्लाह तआला अपने बंदों पर कितनी बड़ी मेहरबानी करता है। जब बंदा मुसीबत में होता है और अल्लाह से दुआ करता है, तो अल्लाह उसे उस मुसीबत से निकालकर उसे आज़ादी और इज़्ज़त देता है। बनी इसराईल की तरह आज भी अगर हम अल्लाह के आगे सर झुकाएँ और उसकी नेमतों का शुक्र अदा करें, तो अल्लाह हमें हर मुसीबत से निकाल सकता है। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि ज़ुल्म करने वालों की सज़ा अल्लाह के पास मुक़र्रर है, और सब्र करने वालों के लिए अल्लाह की तरफ से बड़ी भलाई है। हमें चाहिए कि हम अल्लाह की नेमतों को पहचानें और उसके शुक्रगुज़ार बनें, क्योंकि शुक्र अदा करने से अल्लाह और नेमतें बढ़ाता है।

🎧 सुनें

📜 आयत 47-51 — अल-बकरा

47يَٰبَنِيٓ إِسۡرَٰٓءِيلَ ٱذۡكُرُواْ نِعۡمَتِيَ ٱلَّتِيٓ أَنۡعَمۡتُ عَلَيۡكُمۡ وَأَنِّي فَضَّلۡتُكُمۡ عَلَى ٱلۡعَٰلَمِينَ 
ऐ बनी इसराइल मेरी उन नेअमतों को याद करो जो मैंने पहले तुम्हें दी और ये (भी तो सोचो) कि हमने तुमको सारे जहान के लोगों से बढ़ा दिया
48وَٱتَّقُواْ يَوۡمًا لَّا تَجۡزِي نَفۡسٌ عَن نَّفۡسٍ شَيۡـًٔا وَلَا يُقۡبَلُ مِنۡهَا شَفَٰعَةٌ وَلَا يُؤۡخَذُ مِنۡهَا عَدۡلٌ وَلَا هُمۡ يُنصَرُونَ 
और उस दिन से डरो (जिस दिन) कोई शख्स किसी की तरफ से न फिदिया हो सकेगा और न उसकी तरफ से कोई सिफारिश मानी जाएगी और न उसका कोई मुआवज़ा लिया जाएगा और न वह मदद पहुँचाए जाएँगे
49وَإِذۡ نَجَّيۡنَٰكُم مِّنۡ ءَالِ فِرۡعَوۡنَ يَسُومُونَكُمۡ سُوٓءَ ٱلۡعَذَابِ يُذَبِّحُونَ أَبۡنَآءَكُمۡ وَيَسۡتَحۡيُونَ نِسَآءَكُمۡۚ وَفِي ذَٰلِكُم بَلَآءٌ مِّن رَّبِّكُمۡ عَظِيمٌ 
और (उस वक्त क़ो याद करो) जब हमने तुम्हें (तुम्हारे बुर्ज़गो को) फिरऔन (के पन्जे) से छुड़ाया जो तुम्हें बड़े-बड़े दुख दे के सताते थे तुम्हारे लड़कों पर छुरी फेरते थे और तुम्हारी औरतों को (अपनी ख़िदमत के लिए) ज़िन्दा रहने देते थे और उसमें तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से (तुम्हारे सब्र की) सख्त आज़माइश थी
50وَإِذۡ فَرَقۡنَا بِكُمُ ٱلۡبَحۡرَ فَأَنجَيۡنَٰكُمۡ وَأَغۡرَقۡنَآ ءَالَ فِرۡعَوۡنَ وَأَنتُمۡ تَنظُرُونَ 
और (वह वक्त भी याद करो) जब हमने तुम्हारे लिए दरिया को टुकड़े-टुकड़े किया फिर हमने तुमको छुटकारा दिया
51وَإِذۡ وَٰعَدۡنَا مُوسَىٰٓ أَرۡبَعِينَ لَيۡلَةً ثُمَّ ٱتَّخَذۡتُمُ ٱلۡعِجۡلَ مِنۢ بَعۡدِهِۦ وَأَنتُمۡ ظَٰلِمُونَ 
और फिरऔन के आदमियों को तुम्हारे देखते-देखते डुबो दिया और (वह वक्त भी याद करो) जब हमने मूसा से चालीस रातों का वायदा किया था और तुम लोगों ने उनके जाने के बाद एक बछड़े को (परसतिश के लिए खुदा) बना लिया
अल-बकराकुरान सूची
286आयत
मदनीRevelation
49आयत

अनुवाद — अल-बकरा 49

सूरा आयत 49/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 47–51. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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