अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- नज्जैनाकुम (नजात देना): हमने तुम्हें मुक्त किया, छुड़ाया।
- आल-ए-फ़िरऔन: फ़िरऔन के लोग, उसके साथी और उसके अनुयायी।
- यसूमूनकुम: वे तुम्हें चखाते थे, तुम्हें पीड़ा पहुँचाते थे।
- सूअल-अज़ाब: सबसे बुरी और सबसे कठोर यातना।
- युज़ब्बिहून: वे ज़िब्ह करते थे (गला काटकर हत्या करते थे)।
- अब्नाअकुम: तुम्हारे बेटे।
- यस्तहयून: वे जीवित छोड़ देते थे (उन्हें मारते नहीं थे)।
- निसाअकुम: तुम्हारी औरतें (बेटियाँ)।
- बलाअ: परीक्षा, आज़माइश (यहाँ यह नेमत और अज़ाब दोनों के अर्थ में आ सकता है)।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ बनी इसराईल! उस वक़्त को याद करो जब हमने तुम्हें फ़िरऔन और उसके साथियों के चंगुल से नजात दी। वे लोग तुम्हें सबसे बुरी और सख्त यातनाएँ देते थे। उनका तरीक़ा यह था कि तुम्हारे बेटों को पैदा होते ही ज़िब्ह कर देते थे ताकि तुम्हारी नस्ल ही ख़त्म हो जाए, और तुम्हारी बेटियों को ज़िंदा छोड़ देते थे ताकि वे उनकी ख़िदमत करें और उनका अपमान सहें। यह सब कुछ तुम्हें रुसवा करने और तुम्हारी इज़्ज़त को मिट्टी में मिलाने के लिए किया जाता था।
इस आज़माइश में तुम्हारे लिए तुम्हारे रब की तरफ से एक बड़ी परीक्षा थी। यह परीक्षा इसलिए थी कि तुम सब्र और शुक्र के साथ अल्लाह की राह पर क़ायम रहो। और जब हमने तुम्हें उनके ज़ुल्म से नजात दी, तो यह भी तुम्हारे लिए एक अज़ीम नेमत थी, जिसका शुक्रिया अदा करना तुम्हारा फ़र्ज़ था।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि अल्लाह तआला अपने बंदों पर कितनी बड़ी मेहरबानी करता है। जब बंदा मुसीबत में होता है और अल्लाह से दुआ करता है, तो अल्लाह उसे उस मुसीबत से निकालकर उसे आज़ादी और इज़्ज़त देता है। बनी इसराईल की तरह आज भी अगर हम अल्लाह के आगे सर झुकाएँ और उसकी नेमतों का शुक्र अदा करें, तो अल्लाह हमें हर मुसीबत से निकाल सकता है। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि ज़ुल्म करने वालों की सज़ा अल्लाह के पास मुक़र्रर है, और सब्र करने वालों के लिए अल्लाह की तरफ से बड़ी भलाई है। हमें चाहिए कि हम अल्लाह की नेमतों को पहचानें और उसके शुक्रगुज़ार बनें, क्योंकि शुक्र अदा करने से अल्लाह और नेमतें बढ़ाता है।
📜 आयत 47-51 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 49
सूरा आयत 49/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 47–51. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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