अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَرَقْنَا: हमने अलग किया, चीरा।
- بِكُمُ الْبَحْرَ: तुम्हारे कारण समुद्र को (या तुम्हारे लिए समुद्र को चीरकर रास्ता बनाया)।
- فَأَنجَيْنَاكُمْ: तो हमने तुम्हें बचा लिया।
- آلَ فِرْعَوْنَ: फ़िरऔन के लोग, उसकी सेना और उसके साथी।
- تَنظُرُونَ: तुम देख रहे थे (अपनी आँखों से)।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला बनी इसराईल को उनकी उन महान नेअमतों की याद दिला रहा है जो उसने उन पर कीं, ताकि वे उसकी इबादत करें और उसका शुक्र अदा करें। जब वे मिस्र से निकले और फ़िरऔन ने अपनी सेना के साथ उनका पीछा किया, तो वे समुद्र के किनारे पहुँचे। आगे समुद्र था और पीछे फ़िरऔन की सेना। उस विकट घड़ी में अल्लाह ने अपने नबी मूसा (अलैहिस्सलाम) के हाथ पर अपनी लाठी से समुद्र पर वार करने का आदेश दिया, तो समुद्र चीरकर बारह रास्ते बन गए, जो सूखी ज़मीन की तरह थे। पानी दोनों तरफ़ पहाड़ों की तरह खड़ा रहा। बनी इसराईल उन रास्तों से सही-सलामत गुज़र गए। जब फ़िरऔन और उसकी सेना उन्हीं रास्तों पर चढ़ी, तो अल्लाह ने पानी को उन पर बंद कर दिया और उन सबको डुबो दिया। यह सब कुछ बनी इसराईल की आँखों के सामने हुआ, वे देख रहे थे कि कैसे उनका सबसे बड़ा दुश्मन और उसकी पूरी ताक़त पानी में ग़र्क हो गई। यह अल्लाह की सबसे बड़ी नेअमतों में से एक थी, जिसने उन्हें दुश्मन के अत्याचार से और डूबने के ख़तरे से निजात दी।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह तआला अपने नेक बंदों की मदद करता है, चाहे मुश्किलें कितनी ही बड़ी क्यों न हों। जब बंदा अल्लाह पर भरोसा करता है, तो अल्लाह उसके लिए वहाँ से रास्ता निकालता है जहाँ से उसे उम्मीद भी नहीं होती।
- अल्लाह की क़ुदरत (शक्ति) असीम है। वह समुद्र जैसी चीज़ को भी अपने हुक्म से रास्ता बना सकता है। इसलिए हमें कभी निराश नहीं होना चाहिए।
- ज़ालिमों का अंजाम हमेशा बुरा होता है। फ़िरऔन जैसा ताक़तवर बादशाह भी जब अल्लाह के मुक़ाबले में आया, तो उसे डुबो दिया गया। यह हर ज़ालिम के लिए सबक है।
- अल्लाह की नेअमतों को याद करना और उन पर शुक्र करना चाहिए। नेअमतों की याद दिलाने से अल्लाह की मुहब्बत और इबादत में दिल लगता है।
- यह घटना हमें सिखाती है कि अल्लाह अपने नबियों और उनके साथियों की हिफ़ाज़त करता है और उन्हें कामयाबी देता है, चाहे दुश्मन कितने भी ताक़तवर क्यों न हों।
📜 आयत 48-52 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 50
सूरा अल-बकरा आयत 50 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (वह वक्त भी याद करो) जब हमने तुम्हारे लिए…सूरा आयत 50/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 48–52. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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